New Delhi : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जीतने के लिए भाजपा ने सभी राजनीतिक दलों से अधिक धन खर्च किया। पार्टी ने चुनाव प्रचार और अन्य गतिविधियों पर 146.71 करोड़ रुपये खर्च किए और 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
वहीं दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 35.07 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन उसे सिर्फ 6 सीटों पर जीत मिली। चुनाव आयोग को दिए गए खर्च के ब्यौरे के अनुसार भाजपा ने अपनी कुल जमा पूंजी का करीब 2 प्रतिशत, जबकि कांग्रेस ने लगभग 28 प्रतिशत खर्च किया।
2020 के मुकाबले ज्यादा खर्च
भाजपा ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में करीब 54 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि इस बार खर्च बढ़ाकर 146.71 करोड़ रुपये कर दिया। चुनाव आयोग को पार्टी ने यह रिपोर्ट 10 फरवरी को सौंपी।
अन्य दलों का खर्च
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बहुजन समाज पार्टी: 9.01 करोड़ रुपये
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कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी): 26.75 लाख रुपये
वहीं राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल (यूनाइटेड) सहित अन्य दलों ने अभी तक अपना खर्च विवरण चुनाव आयोग को नहीं दिया है।
विज्ञापन और उम्मीदवारों पर बड़ा खर्च
भाजपा ने चुनाव प्रचार के विज्ञापनों पर सबसे अधिक खर्च Google India Limited को किया, जिसे लगभग 14.27 करोड़ रुपये दिए गए।
इसके अलावा भाजपा ने अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए 29.71 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी।
कांग्रेस का खर्च कहां हुआ
कांग्रेस ने अपने कुल 35 करोड़ रुपये खर्च में से
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12.83 करोड़ रुपये स्टार प्रचारकों की यात्रा पर
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11.24 करोड़ रुपये सोशल मीडिया अभियान पर खर्च किए।
इसके अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की बिहार में निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा पर भी खर्च किया गया।
चुनाव के बाद पार्टियों की आर्थिक स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार चुनाव के बाद भाजपा के पास 7,088.58 करोड़ रुपये का क्लोजिंग बैलेंस बचा, जबकि चुनाव से पहले पार्टी के पास 7,235.26 करोड़ रुपये थे।
वहीं कांग्रेस के पास चुनाव के बाद 89.13 करोड़ रुपये बचे, जबकि चुनाव से पहले उसकी कुल जमा पूंजी 124.2 करोड़ रुपये थी।
प्रति विधायक खर्च का अंतर
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भाजपा: एक विधायक पर लगभग 1.64 करोड़ रुपये
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कांग्रेस: एक विधायक पर लगभग 5.83 करोड़ रुपये
इस तरह बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने सबसे ज्यादा खर्च करते हुए सबसे अधिक 89 सीटें जीतकर मजबूत बढ़त हासिल की, जबकि कांग्रेस को कम सीटों पर संतोष करना पड़ा।

