Ranchi : झारखंड की धरती पर आदिवासी महानायकों के गौरवगान और मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक प्रेरणादायक आयोजन का सफल संचालन किया गया। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और बाबा कार्तिक उरांव के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा-रांची द्वारा सेक्टर 3, ए.एन. टाइप स्थित धूमकुड़िया भवन परिसर में रक्तदान शिविर और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
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इस विशेष अवसर पर 29 रक्तवीरों ने अपने रक्त का दान कर यह संदेश दिया कि समाज सेवा और मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। शिविर में रिम्स ब्लड सेंटर की टीम ने डॉ. उमेश कुमार सिंह के नेतृत्व में सेवाएं दीं। उनके साथ 7 सदस्यीय मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी ने शिविर को चिकित्सा दृष्टिकोण से सुरक्षित और सफल बनाया।
इस आयोजन के माध्यम से न केवल रक्तदान जैसे सामाजिक कार्य को बढ़ावा दिया गया, बल्कि आदिवासी समाज के पुरोधाओं के संघर्षों और योगदानों को भी याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान समिति के वरिष्ठ संरक्षक स्वर्गीय लोरया उरांव को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उनके सम्मान में सैकड़ों की उपस्थिति में पुष्पांजलि अर्पित की गई और मौन धारण कर उनकी स्मृति को नमन किया गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव सहित बिरसा भगत, कुमुदिनी लकड़ा, लुथरू उरांव, कर्मपाल उरांव, राजू उरांव, बबलू उरांव, लक्ष्मण उरांव, रूपेश बाखला, राजन कुमार, सूरज मित्रा, सुमित कुमार, प्रदीप उरांव, और क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, शनि उरांव, रवि प्रकाश उरांव सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भागीदारी सराहनीय रही।
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करना, युवाओं को आदिवासी महापुरुषों के विचारों से जोड़ना और सेवा-भाव को प्रोत्साहित करना रहा। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि बल्कि जागरूकता और समर्पण का प्रतीक बन गया।



