- जनजाति सुरक्षा मंच ने उठाई मांग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की भी पैरवी
मुकेश रंजन
Ranchi: जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सह मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोमा उरांव ने केंद्र सरकार से विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक को शीघ्र संसद से पारित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में धर्मांतरण और चंगाई सभाओं की गतिविधियों को लेकर सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
सोमा उरांव ने कहा कि FCRA से संबंधित विधायी प्रक्रिया जल्द पूरी होने से विदेशी अंशदान के नियमन और निगरानी को लेकर व्यवस्था और स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए केंद्र से कड़े कदम उठाने की मांग की। संसद की आधिकारिक जानकारी के अनुसार विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को 12 अगस्त 2026 को संयुक्त समिति के पास भेजा गया है और 29 सितंबर को समिति ने इस पर मंत्रालयों से प्रावधानवार जानकारी ली।
उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी बहुल गांवों में विभिन्न माध्यमों से धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही हैं। सोमा उरांव ने केंद्र सरकार से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग
सोमा उरांव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर ज्ञानेश कुमार के कार्यों का वे समर्थन करते हैं और उनके कार्यकाल में चुनाव व्यवस्था को सरल एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में प्रयास हुए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।
सोमा उरांव ने केंद्र सरकार से दोनों मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपील की।



