मुख्य संवाददाता
Ranchi: चिरंजीवी ग्रुप ऑफ स्कूल्स, द्वारा आयोजित दस दिवसीय समर कैंप 2025 का समापन समारोह , IMA हॉल, करमटोली में एक यादगार उत्सव के रूप में संपन्न हुआ। जहाँ रंग, रचनात्मकता और रौशनियाँ मिलकर एक अनुपम दृश्य गढ़ रही थीं। बच्चों की आत्मविश्वास से लबरेज़ प्रस्तुतियाँ और कला के विविध रंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

दीपों से प्रकाशित शुरुआत, आत्माओं को स्पर्श करती प्रस्तुतियाँ–
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसे प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना विपुल नायक, सेंट जेवियर्स कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ. कैप्टन प्रिया श्रीवास्तव और विद्यालय की निदेशक डॉ. माया कुमार ने संयुक्त रूप से संपन्न किया। यह शुरुआत बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की प्रेरणा बनी।
मंच बना कल्पना और कौशल का उत्सव-
समर कैंप के समापन पर बच्चों ने जो प्रस्तुतियाँ दीं, उन्होंने यह प्रमाणित किया कि सही मार्गदर्शन और मंच मिल जाए तो प्रतिभा स्वयं बोल उठती है।
स्वागत नृत्य, समूह योग, सेमी-क्लासिकल और वेस्टर्न डांस, देशभक्ति गीत प्रियम भारतम् और समाज को जागरूक करती दो दमदार नाट्य प्रस्तुतियाँ—सुखी कौन (हिंदी) एवं ‘प्रकृति संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण’ (अंग्रेज़ी)—ने सभागार को तालियों से गूँजने पर विवश कर दिया।
सृजनात्मकता से सजे अनुभव-
कैंप में बच्चों ने निम्नलिखित गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारा:
ड्रॉइंग, पेंटिंग, क्राफ्ट मेकिंग
कविता पाठ, क्विज प्रतियोगिता, टैटू मेकिंग
योगा, मैजिक शो और वाटर पार्क भ्रमण-
इन सभी गतिविधियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और आत्मबल को एक नई दिशा दी।
सम्मान से सजी सफलता की मुस्कानें-
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंच पर विशेष सम्मान मिला:
- समर प्रिंस: गौरांग सिन्हा
- समर प्रिंसेस: आकृति खवास
- रनर-अप: अनिकेत महाता एवं आद्या श्री
इन प्रतिभागियों ने अपनी कला, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास से निर्णायकों के साथ-साथ दर्शकों का दिल जीत लिया।
मार्गदर्शन और नेतृत्व की प्रेरणादायक छाया –
डॉ. माया कुमार (निदेशक) ने कहा, यह कैंप बच्चों की सोच, सृजन और नेतृत्व क्षमताओं को विकसित करने वाला एक समर्पित प्रयास रहा।
डिप्टी डायरेक्टर एस.के. सिंह ने कहा, समर कैंप वह अनुभव है जो बच्चों को किताबों से परे जीवन की विविधता सिखाता है।
प्राचार्या श्वेता त्रिपाठी ने बच्चों के समर्पण और ऊर्जा की मुक्त कंठ से सराहना की।
28 वर्षों की निष्ठा, हर वर्ष की नई प्रेरणा-
इस वर्ष, राँची के विभिन्न विद्यालयों से 185 बच्चों (उम्र 3–15) ने भाग लिया। चिरंजीवी स्कूल की यह समर कैंप परंपरा पिछले 28 वर्षों से लगातार बच्चों को आत्म-खोज और आत्म-विकास का मंच दे रही है।
समापन नहीं, नव आरंभ की दस्तक –
समारोह के अंत में नृत्यांगना विपुल नायक ने कहा,जहाँ मंच मिलता है, वहाँ प्रतिभा निखरती है। चिरंजीवी समर कैंप इसका जीवंत उदाहरण है।
मंच संचालन डॉ. अर्चना सिंह द्वारा सुंदरता और अनुशासन के साथ किया गया, जिसने संपूर्ण कार्यक्रम को सुसंगठित और भावनात्मक रूप से समृद्ध बना दिया।



