कोडरमा: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले की जांच अब कोडरमा तक पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने गुरुवार देर रात जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। टीम ने दो युवकों को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए रांची ले गई। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क और संभावित संपर्कों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, हिरासत में लिए गए दोनों युवकों की भूमिका को लेकर जांच एजेंसी की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
डोमचांच में पहले ठिकाने पर पहुंची SIT
जानकारी के मुताबिक, CID की SIT ने सबसे पहले डोमचांच थाना क्षेत्र के गोलवाढाब में कार्रवाई की। टीम ने यहां राजेश यादव, पिता जगदीश यादव के घर पर छापेमारी की और उसे हिरासत में लिया। इसके बाद जांच टीम ने कोडरमा सदर थाना क्षेत्र का रुख किया। वहां पूर्णानगर रोड स्थित एक ठिकाने पर कार्रवाई करते हुए संदीप कुमार, पिता रामदेव सिंह को हिरासत में लिया गया। दोनों को पहले स्थानीय स्तर पर पूछताछ के लिए थाना लाया गया। इसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए रांची ले जाया गया।
पहले गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद सामने आए नाम?
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सीजीएल परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान पहले पकड़े गए आरोपितों और कथित बिचौलियों से पूछताछ की गई थी। इसी पूछताछ के दौरान इन दोनों युवकों के नाम जांच टीम के सामने आने की बात कही जा रही है। इसके बाद SIT ने दोनों के संभावित संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। पर्याप्त जानकारी मिलने के बाद टीम ने देर रात दोनों स्थानों पर छापेमारी की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों युवकों का कथित परीक्षा धांधली से किस स्तर पर संबंध है। उनकी भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
कोडरमा में हुई इस कार्रवाई को लेकर फिलहाल CID या स्थानीय पुलिस की ओर से दोनों युवकों की कथित भूमिका पर विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले उनकी भूमिका को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। देर रात हुई छापेमारी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली से जुड़े नेटवर्क को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जरूर बढ़ा दी है। अब जांच एजेंसी की पूछताछ से यह पता चलने की उम्मीद है कि हिरासत में लिए गए युवकों का मामले से वास्तव में क्या संबंध है और इस कार्रवाई से जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।



