रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित सिविल कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से करीब 50 साल पुरानी केस फाइल गायब होने का मामला सामने आया है। दशकों पुराने न्यायिक रिकॉर्ड के अचानक नहीं मिलने से कोर्ट परिसर में हलचल मच गई है। मामला सामने आने के बाद रिकॉर्ड रूम में फाइल की तलाश शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इतने पुराने महत्वपूर्ण दस्तावेज कहां गए।
करीब पांच दशक पुरानी केस फाइल का रिकॉर्ड रूम से गायब होना अपने आप में गंभीर मामला माना जा रहा है। न्यायालयों में पुराने मुकदमों से संबंधित फाइलों में आदेश, दस्तावेज और अन्य न्यायिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाते हैं। ऐसे में किसी फाइल का नहीं मिलना रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर भी सवाल खड़े करता है।
रिकॉर्ड की तलाश में जुटे अधिकारी
मामले की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित रिकॉर्ड की तलाश की जा रही है। रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध दस्तावेजों और फाइलों के बीच संबंधित केस फाइल को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। इतनी पुरानी फाइल होने के कारण उसके रिकॉर्ड को तलाशना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस दौरान यह भी देखा जा सकता है कि फाइल को किसी दूसरे रिकॉर्ड सेक्शन में स्थानांतरित तो नहीं किया गया था।
50 साल पुराने रिकॉर्ड का क्या है महत्व?
पुराने न्यायिक मामलों की फाइलें कई कारणों से महत्वपूर्ण होती हैं। इनमें अदालत के पुराने आदेश, पक्षकारों से संबंधित दस्तावेज और मुकदमे की कार्यवाही से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हो सकते हैं। किसी पुराने मामले में यदि इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है, तो मूल केस फाइल का उपलब्ध होना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इसलिए रिकॉर्ड रूम से फाइल का नहीं मिलना सामान्य प्रशासनिक चूक से आगे का विषय माना जा सकता है।
फाइल कैसे गायब हुई, जांच में सामने आएगा सच
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब पांच दशक पुरानी केस फाइल रिकॉर्ड रूम से कैसे गायब हुई। क्या फाइल को किसी दूसरे स्थान पर रखा गया, रिकॉर्ड के रखरखाव के दौरान वह अलग हो गई या फिर किसी स्तर पर उसे हटाया गया—इन तमाम पहलुओं की जांच जरूरी होगी। मामले में रिकॉर्ड रूम की व्यवस्था और पुरानी फाइलों के रखरखाव की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फाइल के नहीं मिलने की वास्तविक वजह क्या है।
पुराने न्यायिक रिकॉर्ड की सुरक्षा पर उठे सवाल
रांची सिविल कोर्ट से जुड़ा यह मामला पुराने न्यायिक दस्तावेजों की सुरक्षा और रिकॉर्ड प्रबंधन की अहमियत को सामने लाता है। दशकों पुराने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए व्यवस्थित सूचीकरण और नियमित निगरानी जरूरी होती है। अब निगाह इस बात पर है कि संबंधित केस फाइल की तलाश कब तक पूरी होती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल फाइल के गायब होने की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।


