सीएमओ ने डीसी से सिलिकोसिस पीड़ितों की रिपोर्ट 15 दिनों में मांगी, 10 महीने बाद भी नहीं मिली

Ranchi : राज्य के मुख्यमंत्री सचिवालय ने सिलिकोसिस पीड़ितों से संबंधित रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर देने का निर्देश दिया था, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को नहीं मिली है। इसके कारण 1316 सिलिकोसिस पीड़ित मरीजों को अब तक

सीएमओ ने डीसी से सिलिकोसिस पीड़ितों की रिपोर्ट 15 दिनों में मांगी, 10 महीने बाद भी नहीं मिली
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Ranchi : राज्य के मुख्यमंत्री सचिवालय ने सिलिकोसिस पीड़ितों से संबंधित रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर देने का निर्देश दिया था, लेकिन 10 महीने बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को नहीं मिली है। इसके कारण 1316 सिलिकोसिस पीड़ित मरीजों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है।

Occupational Safety & Health Association of Jharkhand (OSHAJ) ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर जमशेदपुर के चार प्रखंडों में 2007 से 2024 के बीच 1356 सिलिकोसिस पीड़ितों का विवरण दिया था। संगठन ने बताया कि इनमें से अब तक सिर्फ 37 लोगों को ही मुआवजा मिला है, जबकि बाकी मामलों की जांच लंबित है। इस दौरान कई पीड़ितों की मौत भी हो चुकी है।

जांच के लिए सीएम सचिवालय का निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय ने 7 मई 2025 को जमशेदपुर के उपायुक्त को पत्र लिखकर पीड़ितों के मामलों की जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।

इसके बाद उपायुक्त ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक को पत्र लिखकर मेडिकल बोर्ड गठित करने और सिलिकोसिस पीड़ितों की जांच कराने का निर्देश दिया। साथ ही OSHAJ द्वारा दी गई पीड़ितों की सूची भी अस्पताल को भेजी गई।

मेडिकल बोर्ड बना, लेकिन प्रक्रिया में देरी

उपायुक्त के निर्देश पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने 25 सितंबर 2025 को मेडिकल बोर्ड गठित किया। मेडिकल बोर्ड की बैठक 4 अक्टूबर 2025 को हुई, जिसमें सिलिकोसिस की जांच के लिए नई तकनीक ILO सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया।

मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा के बाद 4 नवंबर 2025 को ILO सॉफ्टवेयर के प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब सात महीने का समय लग गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी सिलिकोसिस पीड़ितों की जांच रिपोर्ट अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय को नहीं भेजी गई है।

मुआवजा पाने वालों की स्थिति

2007 से 2024 के बीच सूचीबद्ध 1356 सिलिकोसिस पीड़ितों में से अब तक सिर्फ 37 को मुआवजा मिला है। प्रत्येक पीड़ित को 4 लाख रुपये की दर से कुल 1.49 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

प्रखंडवार आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • मुसाबनी: 514 पीड़ित – 34 को मुआवजा

  • डुमरिया: 242 पीड़ित – 1 को मुआवजा

  • धालभूमगढ़: 536 पीड़ित – 2 को मुआवजा

  • गुड़ाबांधा: 61 पीड़ित – किसी को नहीं

रिपोर्ट लंबित रहने के कारण सैकड़ों सिलिकोसिस पीड़ित और उनके परिवार आज भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

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