- जनगणना कार्य में व्यस्त शिक्षकों को मिले विशेष सहूलियत, सभी को टेट पास करना अनिवार्य : संघ
Ranchi : सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्राथमिक शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किए जाने के बाद झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य सरकार से विशेष व्यवस्था करने की मांग की है। संघ ने कहा है कि वर्तमान में राज्यभर के अधिकांश शिक्षक जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में जुटे हुए हैं, ऐसे में उन्हें टेट परीक्षा में शामिल होने के लिए पर्याप्त अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
संघ के प्रधान सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि सभी शिक्षकों के लिए टेट उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा। वहीं, बालकों का निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक-2026 राज्यसभा में विचाराधीन है, जिसका उद्देश्य पुराने सेवारत शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से स्थायी राहत और कानूनी संरक्षण प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि जब तक इस विधेयक पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक शिक्षकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। वर्तमान में शिक्षक घर-घर जाकर जनगणना का आंकड़ा संग्रहण कर रहे हैं, जिससे परीक्षा की तैयारी और आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
संघ ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों को टेट परीक्षा में शामिल होने के लिए विभागीय स्तर पर विशेष सहूलियत प्रदान की जाए तथा आवेदन (फॉर्म भरने) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए, ताकि कोई भी शिक्षक परीक्षा में शामिल होने से वंचित न रहे।
शिक्षकों के हित में त्वरित निर्णय ले सरकार : चितरंजन
संघ का कहना है कि यदि समय सीमा का विस्तार नहीं किया गया तो जनगणना कार्य में लगे हजारों शिक्षकों को आवेदन करने और परीक्षा की तैयारी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।



