Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले में सरकारी कृषि योजनाओं की समीक्षा बैठक से बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी और जिला मत्स्य पदाधिकारी के गायब रहने पर उपायुक्त राजीव रंजन ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और जवाबदेही की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, सभी संबंधित विभागों को योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
कृषि योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, गव्य विकास और सहकारिता विभाग के कामकाज की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और कहा कि केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करना होगा। इस दौरान बीज वितरण, खेत बचाओ अभियान, मृदा स्वास्थ्य, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), डिजिटल क्रॉप सर्वे और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन समेत विभिन्न योजनाओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करने और काम में आने वाली बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया गया।
उद्यान विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
उद्यान विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित पदाधिकारी को काम में तेजी लाने को कहा गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि योजनाओं के पात्र लाभुकों को समय पर लाभ मिले और सरकारी सहायता का उद्देश्य पूरा हो। वहीं, पशुपालन और गव्य विकास विभाग को नवंबर तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं और लाभुकों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने में अनावश्यक देरी न करें।
धान खरीद की तैयारियां समय पर पूरी करने पर जोर
धान अधिप्राप्ति को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। उपायुक्त ने सहकारिता विभाग को खरीद से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी करने को कहा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धान बेचने के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। किसान क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंकों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसान योजना की जानकारी प्राप्त कर सकें और पात्रता के अनुसार उसका लाभ उठा सकें।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और मृदा स्वास्थ्य की होगी निगरानी
उपायुक्त ने डिजिटल क्रॉप सर्वे और मृदा स्वास्थ्य से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि योजनाओं के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने और किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक और नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM) को कृषि एवं ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं में प्रगति लाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया।
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उपायुक्त सख्त
समीक्षा बैठक में जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी और जिला मत्स्य पदाधिकारी की अनुपस्थिति का मामला सामने आने पर उपायुक्त राजीव रंजन ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी है, क्योंकि इनके माध्यम से योजनाओं की प्रगति, समस्याओं और लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति का आकलन किया जाता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दोनों अधिकारियों के खिलाफ किसी विशिष्ट दंडात्मक कार्रवाई का अंतिम आदेश स्पष्ट नहीं है। फिलहाल उपायुक्त ने योजनाओं के प्रति जवाबदेही और समयबद्ध कार्य निष्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान सहित कृषि, उद्यान, सहकारिता, पशुपालन और गव्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा अग्रणी जिला प्रबंधक, नाबार्ड के डीडीएम, कृषि विज्ञान केंद्र, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, जेएसएलपीएस और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।




