झारखंड के छात्रों के लिए DSPMU की नई पहल, फोन पर विशेषज्ञ देंगे करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की सलाह

DSPMU Ranchi ने झारखंड के विद्यार्थियों के लिए टेली करियर काउंसलिंग शुरू करने की पहल की है। जानें समय, करियर विकल्प और विशेषज्ञों से सलाह लेने का तरीका।
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Ranchi: झारखंड के विद्यार्थियों को करियर चुनने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और उच्च शिक्षा से जुड़े सवालों के जवाब अब फोन पर मिल सकेंगे। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची ने राज्यभर के छात्र-छात्राओं के लिए टेली करियर काउंसलिंग शुरू करने की पहल की है। इसके तहत विद्यार्थी सीधे विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों से बातचीत कर अपनी शंकाओं का समाधान पा सकेंगे। विश्वविद्यालय की ओर से इस कार्यक्रम की शुरुआत 27 अक्टूबर 2026 से करने की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण करियर मार्गदर्शन पहुंचाना है। खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ केवल DSPMU के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। झारखंड के दूसरे स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी इसमें शामिल हो सकेंगे।

DSPMU Tele Career Counselling: हर शनिवार मिलेगी विशेषज्ञों से सलाह

विश्वविद्यालय की योजना के अनुसार, टेली करियर काउंसलिंग प्रत्येक शनिवार को दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान विद्यार्थी निर्धारित फोन नंबर पर कॉल करके विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछ सकेंगे। इस पहल से उन विद्यार्थियों को विशेष मदद मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अपने जिले में करियर काउंसलिंग या विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन आसानी से नहीं मिल पाता है। संताल परगना, पलामू, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, चाईबासा, जमशेदपुर, खूंटी, गिरिडीह और धनबाद समेत राज्य के सभी क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजीव मनोहर के अनुसार, इस पहल का मकसद विद्यार्थियों को सही समय पर उचित शैक्षणिक जानकारी और करियर संबंधी सलाह उपलब्ध कराना है।

12वीं के बाद करियर से लेकर सरकारी नौकरी तक पर मिलेगी सलाह

DSPMU की टेली काउंसलिंग में विद्यार्थियों को अलग-अलग शैक्षणिक और रोजगार विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाएगी। छात्र अपनी रुचि, योग्यता और भविष्य की योजनाओं के अनुसार विशेषज्ञों से मार्गदर्शन ले सकेंगे।

काउंसलिंग में इन विषयों पर सवाल पूछे जा सकेंगे:

  • 12वीं के बाद करियर: स्नातक पाठ्यक्रमों और करियर के बेहतर विकल्पों की जानकारी।
  • इंजीनियरिंग और मेडिकल: प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी और आगे की पढ़ाई से संबंधित मार्गदर्शन।
  • NET परीक्षा: राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के विकल्प।
  • कंप्यूटर और आईटी: कंप्यूटर क्षेत्र में रोजगार और करियर की संभावनाएं।
  • कला, विज्ञान और मानविकी: अलग-अलग विषयों में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर।
  • प्रबंधन प्रवेश परीक्षाएं: मैनेजमेंट की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े सवाल।
  • सरकारी नौकरी: बैंकिंग, रेलवे और सेना में भर्ती की तैयारी से संबंधित जानकारी।
  • स्नातक और स्नातकोत्तर: पाठ्यक्रमों के चयन तथा आगे की पढ़ाई के विकल्प।

इस सुविधा से विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी एक ही मंच पर मिल सकेगी। इससे पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे क्या करना है, इस बारे में निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।

पहली काउंसलिंग में कुलपति करेंगे विद्यार्थियों से बातचीत

विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पहली टेली काउंसलिंग 27 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक आयोजित करने की योजना है। इस सत्र में कुलपति डॉ. राजीव मनोहर खुद विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे और उनके सवालों का जवाब देंगे। विद्यार्थी DSPMU के शैक्षणिक पाठ्यक्रमों, अकादमिक गतिविधियों और उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी उनसे जानकारी ले सकेंगे। इससे छात्रों को विश्वविद्यालय की पढ़ाई और शैक्षणिक अवसरों को समझने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय का जनसंपर्क एवं सामुदायिक प्रसार विभाग करेगा। विभाग की ओर से इस पहल को राज्य के अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीण और दूरदराज के विद्यार्थियों को होगा फायदा

करियर का चुनाव विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला होता है। कई बार सही जानकारी नहीं मिलने के कारण छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप विकल्प नहीं चुन पाते। विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। DSPMU की टेली करियर काउंसलिंग इस दूरी को कम करने की दिशा में एक उपयोगी पहल साबित हो सकती है। फोन के माध्यम से मार्गदर्शन मिलने से विद्यार्थियों को केवल सलाह लेने के लिए रांची आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विश्वविद्यालय का दावा है कि इस तरह की पहल शुरू करने वाला DSPMU झारखंड का पहला विश्वविद्यालय होगा। हालांकि, इस सुविधा का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से कितनी आसानी से संपर्क करने का अवसर मिलता है। विद्यार्थियों के लिए जरूरी सूचना: टेली काउंसलिंग के लिए निर्धारित फोन नंबर की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। कॉल करने से पहले विद्यार्थी विश्वविद्यालय के आधिकारिक सूचना माध्यमों से संपर्क नंबर और कार्यक्रम से संबंधित दिशा-निर्देश की पुष्टि कर लें।

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