East Burdwan, West Bengal : दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) द्वारा दुर्गापुर बैराज, मैथन और पंचेत से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण दामोदर नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है। इस कारण पूर्व बर्दवान जिले के गलसी क्षेत्र के गोहग्राम में नदी में बालू लोड कर रही कई ट्रकें फंस गईं और कुछ ट्रकें डूब भी गईं।
Also Read : मनरेगा बहाली घोटाला: रांची में रद्द नियुक्ति के बाद भी हुई पोस्टिंग!
मिली जानकारी के अनुसार, गोहग्राम घाट पर बड़ी संख्या में ट्रकें बालू भरने के लिए नदी में उतरी थीं। लेकिन बीते दो दिनों से डीवीसी द्वारा पानी छोड़े जाने के चलते जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे दो ट्रकें बीच नदी में ही खराब हो गईं और अन्य ट्रकों को सुरक्षित बाहर निकालना संभव नहीं हो पाया।
बुधवार को मैथन और पंचेत डैम से लगभग 40,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे निचले दामोदर बेसिन में जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई। इसके अलावा लगातार हो रही बारिश ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया। हालांकि गुरुवार को छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा घटाकर 35,200 क्यूसेक कर दी गई, फिर भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं।
प्रशासन की ओर से पहले ही डीवीसी द्वारा पानी छोड़े जाने की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई थी, बावजूद इसके ट्रक चालकों और बालू कारोबारी समूहों ने खतरे को नजरअंदाज करते हुए बालू उठाव का कार्य जारी रखा। प्रशासन का कहना है कि निर्देशों की अनदेखी ही इस अव्यवस्था का प्रमुख कारण है।
स्थानीय लोगों और ट्रक चालकों का कहना है कि जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि उन्हें संभलने का मौका ही नहीं मिला। कई ट्रक चालकों को अपनी गाड़ियां नदी में ही छोड़कर बाहर भागना पड़ा।
अब प्रशासन ने गोहग्राम घाट पर बालू उठाव पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है और मौके पर गोताखोरों की टीम तैनात कर दी गई है, ताकि डूबी गाड़ियों को बाहर निकाला जा सके और किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।






