Ranchi : आरकेडीएफ विश्वविद्यालय, रांची के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित वेल्डिंग एवं मेटल फैब्रिकेशन पर आधारित पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्वक हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी दक्षता प्रदान करना एवं उन्हें उद्योग-प्रसंगिक कौशल से सशक्त बनाना था। कार्यशाला में डॉ. आरके. श्रीवास्तव, पूर्व विभागाध्यक्ष, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग विभाग, बीआईटी सिंदरी द्वारा विशेषज्ञ सत्रों का संचालन किया गया। छात्रों ने वेल्डिंग तकनीकों, मेटल कटिंग, फैब्रिकेशन विधियों एवं सुरक्षा उपायों से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक अभ्यासों में भाग लिया। कार्यशाला के समापन अवसर पर कुलपति डॉ. एस. चटर्जी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “तकनीकी शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता।

व्यावहारिक प्रशिक्षण ही छात्रों को उद्योग के लिए तैयार करता है, और यह कार्यशाला उसी दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पांडेय ने अपने संबोधन में कहा, “इस तरह की कार्यशालाएं न केवल छात्रों की स्किल को निखारती हैं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी देती हैं। मैं आयोजन टीम को उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई देता हूँ। इंजीनियर बी. आर. पी. सिंह ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “फैकल्टी सदस्यों की प्रतिबद्धता और सहयोग से यह कार्यशाला सफल रही। छात्रों ने गंभीरता और उत्साह के साथ इसमें भाग लिया, जो उनकी सीखने की ललक को दर्शाता है।
समापन समारोह में डॉ. निरंजन कुमार मिश्रा, दीपक कुमार गुप्ता, रीतू कुमारी, खुशबू कुमारी, प्रसून कुमार, प्रशांत, हर्षित एवं अंकिता कुमारी की उपस्थिति और सक्रिय योगदान के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। अंत में कार्यशाला संयोजक डॉ. राजीव रंजन ने कहा, “यह कार्यशाला छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रही है। हमारा प्रयास था कि छात्र न केवल तकनीक को समझें, बल्कि उसे प्रयोग में लाने की दक्षता भी प्राप्त करें।”



