भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गंगापुर थाना क्षेत्र के आलोली गांव में गुरुवार देर रात शादी समारोह से काम करके लौटे मजदूरों ने शराब समझकर बर्तन साफ करने वाला जहरीला केमिकल पी लिया, जिससे तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई। एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। गांव में मातम पसरा है और परिजन सदमे में हैं।
क्या हुआ था
जानकारी के मुताबिक, आलोली गांव निवासी रतन (42) पुत्र मिश्रीलाल कंजर, उनकी पत्नी सुशीला देवी (40), जमनी देवी (60) और बदामी देवी (60) शादी समारोह में बर्तन धोने-साफ करने का काम कर लौटे थे। वहां बर्तनों को चमकाने के लिए विशेष रसायन मंगवाया गया था। काम खत्म होने के बाद गलती से उसी रसायन की बोतलें शराब समझकर घर ले आए और पी लीं।
कुछ ही मिनटों में सभी की तबीयत बिगड़ गई—तेज जलन, उल्टियां और बेहोशी के लक्षण दिखे। घबराए परिजन उन्हें गंगापुर अस्पताल ले गए, जहां जमनी देवी, रतन और सुशीला देवी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो महिलाओं को भीलवाड़ा रेफर किया गया; रास्ते में बदामी देवी की मौत हो गई, जबकि सनू (22) पत्नी पप्पूलाल कंजर की हालत नाजुक है।
मेडिकल व पुलिस जांच
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि पोस्टमार्टम में सभी के पेट में जहरीला तरल पाया गया है। अंतिम पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट के बाद होगी।
एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव के अनुसार, जिस बोतल से केमिकल पिया गया, उसे जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह केमिकल भीलवाड़ा की ही एक दुकान से खरीदा गया था। पुलिस दुकानदार से पूछताछ कर रही है कि चेतावनी लेबल क्यों नहीं था।
प्रशासन की कार्रवाई
जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और एसपी मौके पर पहुंचे। पूरे गांव में घर-घर हेल्थ चेकअप कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई और प्रभावित न हो। लोगों से संदिग्ध तरल/केमिकल के इस्तेमाल से दूर रहने की अपील की गई है।
कलेक्टर ने कहा कि मृतकों के परिजनों को सरकारी योजनाओं व मुख्यमंत्री सहायता कोष से हर संभव मदद दी जाएगी।
गांव में शोक
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से आलोली गांव में कोहराम है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीबी और जागरूकता की कमी के कारण यह घातक भूल हुई, जिसकी कीमत लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
पुलिस और प्रशासन मामले की जांच जारी रखे हुए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

