New Delhi : भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं, बल्कि तेजी से उभरता रक्षा निर्यातक बन चुका है। भारतीय रक्षा तकनीक की वैश्विक स्वीकार्यता का ताजा उदाहरण सामने आया है, जहां फ्रांस भारतीय पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम में गहरी रुचि दिखा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रांस अपनी सेना में उपयोग हो रहे पुराने M270 लांस रॉकेट यूनिटेयर सिस्टम को अपग्रेड करना चाहता है और इसके लिए पिनाका को एक प्रभावी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पिनाका रॉकेट सिस्टम के मूल्यांकन के लिए फ्रांस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आ चुका है। इस दौरान सिस्टम की परफॉर्मेंस, लॉन्चर और गोला-बारूद की तकनीकी क्षमताओं का परीक्षण किया गया। पिनाका का सीधा मुकाबला अमेरिकी HIMARS और रूसी Tornado-S से माना जाता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी किफायती लागत है।
पिनाका पिछले करीब तीन दशकों से भारतीय सेना का हिस्सा है और कारगिल युद्ध में इसकी प्रभावशीलता साबित हो चुकी है। इसका मौजूदा संस्करण 75–90 किमी की रेंज का है, जबकि पिनाका MK-3 की रेंज 120–130 किमी तक पहुंच चुकी है। वहीं MK-4 संस्करण पर काम जारी है, जिसकी संभावित रेंज 300 किमी तक हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक पिनाका सिस्टम की कीमत लगभग 2.3 करोड़ रुपये है, जबकि अमेरिकी HIMARS की कीमत करीब 19.5 करोड़ रुपये बताई जाती है। इसी वजह से फ्रांस समेत कई विकसित देश अब भारतीय रक्षा प्रणालियों की ओर गंभीरता से देख रहे हैं, जो भारत की बढ़ती सामरिक और तकनीकी शक्ति को दर्शाता है।

