Ranchi : झारखंड में अब किसी भी प्रकार के जुलूस या धार्मिक समारोह में डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 16 जुलाई 2024 को पारित आदेश के अनुपालन में लिया गया है। इस संबंध में रांची जिला प्रशासन की विधि व्यवस्था शाखा की ओर से 5 अप्रैल 2025 को एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सभी थाना प्रभारियों, पूजा समितियों और आयोजन समितियों को इसकी जानकारी देकर लिखित सहमति लेने का निर्देश दिया है।
यह कदम राज्य में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और सामाजिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। आदेश की प्रति सभी संबंधित मंडलों, समितियों तथा पुलिस अधिकारियों को भेज दी गई है ताकि इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डीजे बजाने की अनुमति किसी भी परिस्थिति में नहीं दी जाएगी। यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे अदालत की अवमानना माना जाएगा। यह निर्देश एक जनहित याचिका (W.P. PIL No. 2697 of 2021) की सुनवाई के बाद दिया गया, जिसमें ध्वनि प्रदूषण और सामाजिक शांति भंग होने पर चिंता व्यक्त की गई थी।
रांची जिला प्रशासन ने इस आदेश के शत-प्रतिशत अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी थाना प्रभारियों, संबंधित अधिकारियों, पूजा समितियों, और आयोजक मंडलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी थाना प्रभारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के रामनवमी अखाड़ों, पूजा समितियों और जुलूस आयोजकों को इस आदेश की जानकारी दें और उनसे लिखित सहमति पत्र प्राप्त करें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस आदेश की प्रति महावीर मंडल, रामनवमी अखाड़ा समितियों, दुर्गा पूजा समितियों, मंदिर समितियों और संबंधित पुलिस अधिकारियों को भेज दी गई है, ताकि आदेश का कड़ाई से पालन हो सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अब धार्मिक आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण रोकने को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।



