- बाउंड्री के बाहर छोड़ी गई सरकारी भूमि पर कब्जा, सड़क-नाली तोड़कर जोड़ा जा रहा सार्वजनिक सीवेज
- संस्थान प्रशासन ने जताई गंभीर चिंता, अविलंब कार्रवाई की मांग
मुकेश रंजन
Ranchi : रांची स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (CIP) की भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। संस्थान प्रशासन ने आरोप लगाया है कि बिना अनुमति सरकारी भूमि पर कब्जा करने के साथ-साथ संस्थान की सड़क और जल निकासी व्यवस्था को भी क्षतिग्रस्त किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, CIP ने अपनी परिसीमा दीवार (बाउंड्री वॉल) के चारों ओर लगभग 40 से 50 फीट भूमि सुरक्षा, रखरखाव एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित रखी थी। इसी क्षेत्र में संस्थान द्वारा सड़क और नाली का निर्माण कराया गया था, ताकि आवागमन और जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनी रहे।
हाल के दिनों में संस्थान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक ठेकेदार द्वारा बिना किसी पूर्व अनुमति के CIP की सड़क को काटकर सार्वजनिक नाले को संस्थान की नाली से जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया। इस दौरान संस्थान की सड़क एवं नाली को क्षति पहुंचाई गई है। प्रशासन का कहना है कि CIP का नाला संस्थान की अपनी भूमि में खुलता है, जबकि सार्वजनिक नाला जुड़ने से सीवेज एवं गंदा पानी संस्थान परिसर की भूमि में पहुंचेगा, जिससे स्वच्छता, पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर संकट उत्पन्न हो सकते हैं।
सरकारी भूमि पर कब्जा, सीवेज लाइन बिछाने का भी आरोप:
संस्थान प्रशासन ने यह भी आरोप लगाया है कि बाउंड्री के बाहर छोड़ी गई भूमि के बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। वहीं, स्थानीय स्तर पर सड़क खोदकर सीवेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ संस्थान की भूमि भी लगातार सिकुड़ती जा रही है।
पहले भी उठ चुका है मामला, कार्रवाई नहीं होने से बढ़ी समस्या:
CIP प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं की सूचना पूर्व में भी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जाती रही है। बावजूद इसके प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण और अवैध निर्माण की गतिविधियां लगातार जारी हैं।
अतिक्रमण हटाने और क्षति की भरपाई की मांग :
संस्थान प्रशासन ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मामले में त्वरित हस्तक्षेप करने की मांग की है। प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण हटाने, सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।



