भागलपुर में गंगा का भीषण कटाव, रेलवे तटबंध के बाद 14 नंबर सड़क पर मंडराया खतरा

भागलपुर के राघोपुर में गंगा के भीषण कटाव से रेलवे तटबंध ध्वस्त होने के बाद 14 नंबर सड़क पर खतरा बढ़ा। दो मंत्री मौके पर पहुंचे, बचाव कार्य तेज।
भागलपुर में गंगा का भीषण कटाव
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Bhagalpur: बिहार के भागलपुर जिले के राघोपुर में गंगा नदी का कटाव लगातार चिंता बढ़ा रहा है। रेलवे तटबंध ध्वस्त होने के बाद अब 14 नंबर सड़क पर भी खतरा मंडराने लगा है। यह सड़क विक्रमशिला सेतु के जाह्नवी चौक से बिहपुर को जोड़ती है और आगे एनएच-31 से मिलती है। ऐसे में कटाव का असर बढ़ने पर आसपास के गांवों के साथ-साथ आवागमन भी प्रभावित हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने बचाव कार्य तेज कर दिया है। फिलहाल कटाव स्थिर बताया जा रहा है, लेकिन संवेदनशील इलाके में खतरा बना हुआ है। शनिवार सुबह से ही कटाव प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अधिकारियों का प्रयास है कि समय रहते गंगा की धारा के प्रभाव को कम किया जाए, ताकि राघोपुर पंचायत की आबादी और महत्वपूर्ण सड़क को नुकसान से बचाया जा सके।

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रेलवे तटबंध ध्वस्त, अब 14 नंबर सड़क की सुरक्षा चुनौती

राघोपुर में गंगा के कटाव से रेलवे तटबंध ध्वस्त होने के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। अब कटाव की जद में 14 नंबर सड़क के आने की आशंका जताई जा रही है। यह मार्ग जाह्नवी चौक से बिहपुर तक जाने के लिए महत्वपूर्ण है और आगे एनएच-31 से जुड़ता है। यदि कटाव आगे बढ़ता है, तो सड़क की सुरक्षा के साथ क्षेत्र में आवागमन भी प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर राघोपुर पंचायत की आबादी को सुरक्षित रखना है, वहीं दूसरी ओर लत्तीपुर से जाह्नवी चौक तक जाने वाली सड़क को बचाना भी जरूरी है।

मौके पर पहुंचे दो मंत्री, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

कटाव की गंभीरता को देखते हुए बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र और ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल घटनास्थल पर पहुंचे। जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी पटना से पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों और अभियंताओं की टीम कटाव प्रभावित हिस्सों का आकलन कर बचाव कार्य की निगरानी कर रही है। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर गंगा की धारा के प्रभाव को कम करने और संवेदनशील हिस्सों को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है। विभागीय टीम का लक्ष्य कटाव को नियंत्रित करना है, ताकि आसपास के घरों और सड़क को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

कटाव रोकने के लिए लगाए गए दो जहाज

राघोपुर में कटावरोधी कार्य के लिए फिलहाल दो जहाज लगाए गए हैं। जरूरत पड़ने पर चार और जहाज उपलब्ध कराने की तैयारी है। ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने अतिरिक्त जहाजों की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। बचाव कार्य के तहत प्रभावित हिस्सों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आगे कटाव बढ़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए संसाधनों की उपलब्धता और जरूरत का आकलन किया जा रहा है।

मंत्री बोले- फिलहाल बाढ़ का तत्काल खतरा नहीं

पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि फिलहाल गंगा का जलस्तर नीचे है, इसलिए तत्काल बाढ़ का खतरा नहीं है। हालांकि, उन्होंने कटाव की आशंका को गंभीर बताते हुए इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बचाव कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

ग्रामीणों को सड़क और आबादी की सुरक्षा की चिंता

रेलवे तटबंध टूटने के बाद राघोपुर के ग्रामीणों की नजरें अब बचाव कार्य पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि गंगा का कटाव आगे बढ़ा, तो पंचायत की आबादी के साथ 14 नंबर सड़क भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल कटाव स्थिर होने की जानकारी राहत देने वाली है, लेकिन खतरे को पूरी तरह टाला नहीं जा सकता। आने वाले समय में बचाव कार्य की प्रभावशीलता ही तय करेगी कि गंगा के कटाव से सड़क और आसपास की आबादी को कितना सुरक्षित रखा जा सकेगा।

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