Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों और जवानों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग राज्यहित और जनसेवा के लिए पूरी निष्ठा के साथ करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री गुरुवार को डोरंडा स्थित जैप-1 ग्राउंड में आयोजित “बुनियादी प्रशिक्षुओं के पासिंग-आउट परेड समारोह-2026” को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लगभग 30 सप्ताह के कठोर एवं अनुशासित प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षु अब राज्य की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि इस बैच में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त आरक्षियों के साथ-साथ झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से चयनित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर खुशी जताई कि बैच में करीब 25 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है, जो पुलिस बल में बढ़ते महिला सशक्तीकरण का सकारात्मक संकेत है।
शपथ केवल औपचारिकता नहीं, आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक
हेमंत सोरेन ने कहा कि बारिश के बीच ली गई शपथ केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनसेवा के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्दीधारी बल का हिस्सा बनने के बाद व्यक्ति का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रह जाता, बल्कि समाज और राज्य की सुरक्षा से भी जुड़ जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जहां उन्हें अपने जीवन की परवाह किए बिना कर्तव्य निभाना पड़ता है। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों को याद करते हुए कहा कि नव नियुक्त अधिकारियों और जवानों की जिम्मेदारी है कि वे उनके अधूरे सपनों और कर्तव्यों को आगे बढ़ाएं।
प्रशिक्षण का प्रभाव मैदान में दिखना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और अन्य विषयों पर जो शिक्षा दी गई है, उसका प्रभाव अब राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करने पर राज्य की चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव होगा।
उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम के कारण इस बार पासिंग-आउट परेड कार्यक्रम पुलिस परिसर के भीतर आयोजित करना पड़ा, लेकिन इससे प्रशिक्षुओं और उनके परिजनों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
पुलिसकर्मियों के लिए आधुनिक स्कूल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पुलिस विभाग के लिए आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था विकसित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस बल के संयुक्त प्रयासों से झारखंड विकास और सुशासन की दिशा में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
336 आरक्षी और चार डीएसपी हुए पास आउट
समारोह में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया। इससे पूर्व उन्होंने जैप-1 परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा पासिंग-आउट परेड का निरीक्षण भी किया।
पासिंग-आउट परेड-2026 में चार पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और 336 आरक्षी शामिल हुए, जिनमें 255 पुरुष तथा 81 महिला आरक्षी शामिल थे। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने आकर्षक मार्चपास्ट और कदमताल का प्रदर्शन किया तथा संविधान, देश और राज्य की सेवा, अनुशासन, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की शपथ ली।
कार्यक्रम में राज्य की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा, एडीजी प्रिया दुबे समेत पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



