वैज्ञानिकों की सेवानिवृत्ति पर हाईकोर्ट की रोक! BAU के निर्णय को चुनौती, ICAR से मांगा जवाब

Ranchi : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के वैज्ञानिकों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष तय करने के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। यह अंतरिम आदेश जस्टिस संजय प्रसाद की एकल पीठ ने डॉ. प्रदीप प्रसाद समेत अन्य वैज्ञानिकों द्वारा दायर याचिका

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Ranchi : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के वैज्ञानिकों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष तय करने के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। यह अंतरिम आदेश जस्टिस संजय प्रसाद की एकल पीठ ने डॉ. प्रदीप प्रसाद समेत अन्य वैज्ञानिकों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

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याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि BAU के बोर्ड ऑफ डायरेक्टरेट ने दिनांक 25 अप्रैल 2023 को निर्णय लिया था कि विश्वविद्यालय में कार्यरत वैज्ञानिकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित होगी। इस निर्णय को पूर्व में हाईकोर्ट द्वारा मान्यता भी दी गई थी।

इसके बावजूद, 5 मई 2025 को याचिकाकर्ताओं को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवा से निवृत्त किए जाने का नोटिस जारी कर दिया गया, जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति के आदेश पर प्रारंभिक रूप से रोक लगाते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) से जवाब तलब किया है।

अदालत ने दोनों पक्षों को अगली सुनवाई तक अपना विस्तृत पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह मामला न केवल विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, बल्कि शोधरत वैज्ञानिकों की सेवा शर्तों से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, और आने वाले दिनों में यह राज्यभर में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

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