Ranchi : झारखंड राज्य 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को कहा कि इस बार राज्य के लिए मजबूत, संतुलित और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है, जो झारखंड की अपार संभावनाओं को आकार दे सके।
मुख्यमंत्री ने अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी में कहा कि बजट में जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए और विकास को नई गति मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आगामी बजट का अनुमान लगभग 1 लाख करोड़ रुपये है और भविष्य में बजट के आकार में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास आवश्यक हैं ताकि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में वित्तीय कमी न आए। बेहतर बजट निर्माण के लिए जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस उद्देश्य से सरकार लगातार जनता से सुझाव ले रही है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में दावोस और लंदन दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा कि विदेश दौरे से प्राप्त सीखों के आधार पर राज्य की विकास नीति में नवाचार और नए प्रयोग किए जाएंगे। नई पीढ़ी की अलग सोच और अपेक्षाओं के अनुसार बजट तैयार करना आवश्यक है।
झारखंड में जल, जंगल, खनिज, उद्यमिता, मानव संसाधन सहित अनेक क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खेल और उद्योग को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लाख और तसर उत्पादन में राज्य अग्रणी है। इन संसाधनों का वैल्यू एडिशन कर राज्य के हित में उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है और यहां की परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
संगोष्ठी में जनता और विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों को बजट में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वालों को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस संगोष्ठी में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह सहित देश के विशेषज्ञ मौजूद रहे।



