- रांची में JPSC-JSSC आंदोलन के दौरान छात्रों ने चौथी बैरिकेडिंग तोड़ दी और विधानसभा की ओर बढ़े। प्रतिनिधिमंडल ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की, देवेंद्रनाथ महतो पालकी से पहुंचे।
Ranchi : JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का महा-आंदोलन सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। 24 जिलों से पहुंचे छात्र हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर नए विधानसभा की ओर बढ़े, लेकिन पुराने विधानसभा के पास उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की गई। छात्रों ने चौथी बैरिकेडिंग भी तोड़ दी और पांचवें बैरिकेड तक पहुंच गए।
प्रशासन और JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को विधानसभा की ओर आगे बढ़ने से रोकने के लिए तीन लेयर की मानव श्रृंखला भी बनाई।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र
छात्र नए विधानसभा मोड़ से पहले सड़क पर बैठ गए और वंदे मातरम, भारत माता की जय और जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद छात्रों ने दूसरी, तीसरी और चौथी बैरिकेडिंग भी तोड़ दी और जगन्नाथपुर मंदिर की ओर बढ़ने लगे।
प्रशासन ने छात्रों को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए घेराबंदी भी की।
प्रतिनिधिमंडल ने की शांति बनाए रखने की अपील
JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से बार-बार शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने की अपील की। प्रशासन ने भी प्रतिनिधिमंडल से विधानसभा की तरफ नहीं बढ़ने का आग्रह किया।
रोकने के दौरान छात्रों और प्रतिनिधिमंडल के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से कहा कि भीड़ में यदि कोई असामाजिक तत्व मौजूद है, तो उसकी जानकारी दी जाए। ऐसे लोगों को पुलिस को सौंपने की बात कही गई।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मार्च जगन्नाथपुर मंदिर तक जाएगा और वहां धरना दिया जाएगा।
पालकी में धरनास्थल पहुंचे देवेंद्रनाथ महतो
भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्रनाथ महतो भी पालकी में बैठकर धरनास्थल पर पहुंचे। इस बीच भीड़ में एक प्रदर्शनकारी छात्र का मोबाइल गिर गया। रिफॉर्म मंच ने मोबाइल मिलने पर उसे वापस करने की अपील की है।
तीन दौर की वार्ता के बाद भी नहीं बनी सहमति
इस आंदोलन की प्रमुख वजह सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ता का बेनतीजा रहना है। पिछले दिनों सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत हुई थी। इसमें परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
हालांकि, JSSC CGL मामले में CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की ओर से CBI जांच के बजाय अन्य विकल्पों पर चर्चा की गई, जबकि छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं।
प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय चाहते हैं छात्र
इसी गतिरोध के बाद छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च करने का फैसला कायम रखा। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
पुराने विधानसभा के पास छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब छात्रों की नजर नए विधानसभा भवन की ओर होने वाले मार्च पर है।










