Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में आरोपी दो एजेंटों को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने आरोपी दिलीप कुमार पासवान और राजन कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराने और इसके बदले मोटी रकम वसूलने के आरोप हैं। दिलीप कुमार पासवान ने 18 सितंबर को जबकि राजन कुमार ने 23 सितंबर को अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया।
CID जांच में सामने आई अहम जानकारी
JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच झारखंड CID कर रही है। जांच के दौरान एजेंट दिलीप कुमार पासवान की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की बात कही गई है। दिलीप कुमार पासवान मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के खैरा का रहने वाला है। वह फिलहाल पश्चिम बंगाल के नवकाडिया थाना क्षेत्र के केंदा स्थित ईस्ट केंदा कॉलोनी में रह रहा था। CID ने उसे 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की। पूछताछ और अब तक की जांच में एजेंसी को कथित तौर पर परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों से उसके संपर्क के बारे में जानकारी मिली है।
आसनसोल के होटल में अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे सवाल-जवाब
CID की जांच के अनुसार, दिलीप कुमार पासवान ने करीब चार से पांच अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित एक होटल में प्रश्न और उत्तर रटवाए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि जिन अभ्यर्थियों को इस तरह परीक्षा की तैयारी कराई गई, उनमें कुछ परीक्षा में सफल भी हुए। आरोप है कि प्रश्न और उत्तर याद कराने के बदले दिलीप कुमार पासवान ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम की वसूली की थी। अब CID इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जमानत याचिका पर कोर्ट का फैसला
दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष जांच से जुड़ी जानकारी रखी गई। मामले की गंभीरता और जांच की स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने दोनों को फिलहाल राहत नहीं दी। कोर्ट के फैसले के बाद JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच में एजेंटों की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है। जांच एजेंसी इस मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
परीक्षा गड़बड़ी मामले में आगे भी जारी रहेगी जांच
JSSC CGL परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ी के मामले में CID की जांच आगे बढ़ रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से पहले प्रश्न-उत्तर अभ्यर्थियों तक कैसे पहुंचे और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल थे। फिलहाल दिलीप कुमार पासवान और राजन कुमार को जमानत नहीं मिली है। दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।




