- राज्यभर में बनाए गए 986 परीक्षा केंद्र, रांची में 101 केंद्रों पर हुई परीक्षा; दूसरी पाली में कक्षा 6 से 8 तक के अभ्यर्थी हुए शामिल
Ranchi : झारखंड में करीब दस वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आयोजित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की पहली पाली रविवार को शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। परीक्षा को लेकर राज्यभर में व्यापक तैयारियां की गई थीं। अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा के सफल संचालन के लिए पूरे राज्य में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें राजधानी रांची के 101 केंद्र शामिल थे।
पहली पाली में कक्षा एक से पांचवीं तक के शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करने के इच्छुक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू हुई और दोपहर 12 बजे तक चली। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए थे।
कदाचार रोकने के लिए किए गए विशेष इंतजाम
परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई थी।
अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी और कदाचार को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क रहा।
दूसरी पाली में कक्षा 6 से 8 तक की परीक्षा
पहली पाली के बाद दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित की गई। इस पाली में कक्षा छह से आठवीं तक के शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों को शामिल होना था।
2016 के बाद अब आयोजित हुई JTET
गौरतलब है कि झारखंड में इससे पहले वर्ष 2012 और 2016 में शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद लंबे समय तक परीक्षा नहीं होने के कारण शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे नए अभ्यर्थियों को पात्रता हासिल करने का अवसर नहीं मिल पाया था।
परीक्षा के आयोजन में देरी का मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा था। न्यायालय ने भी इस मामले में सख्ती दिखाते हुए निर्धारित समय-सीमा में परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था। इस मामले में शिक्षा सचिव को अवमानना का नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद परीक्षा प्रक्रिया में तेजी आई और लंबे इंतजार के बाद JTET का आयोजन संभव हो सका।
शिक्षक नियुक्तियों में खाली रह गए थे हजारों पद
झारखंड में शिक्षक नियुक्तियों के दौरान भी कई पद रिक्त रह गए थे। वर्ष 2016 की स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में लगभग 17,752 पदों के मुकाबले करीब 10 हजार नियुक्तियां ही हो पाई थीं। स्थानीय नीति, जिलावार मेरिट सूची और विषय संयोजन से जुड़े विवादों के कारण भी नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।
लंबे अंतराल के बाद JTET के आयोजन से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को नई उम्मीद मिली है। अब अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा के परिणाम और आगे की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी है।



