Patna : बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तब बढ़ गई जब नीतीश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी का सरकारी आवास बदलने का आदेश जारी कर दिया। लालू यादव का परिवार लगभग दो दशकों से 10, सर्कुलर रोड में रहता आ रहा था, लेकिन अब उन्हें यह आवास खाली कर 39, हार्डिंग रोड में शिफ्ट होने का निर्देश दिया गया है। भवन निर्माण विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
लगभग 19–20 साल बाद आवास खाली कराने के फैसले ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। राजद नेताओं ने इसे सरकार द्वारा बदले की कार्रवाई बताया, वहीं लालू यादव की बेटी और पूर्व राजद नेता रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा–
“सुशासन बाबू का विकास मॉडल यही है? करोड़ों लोगों के मसीहा लालू प्रसाद यादव का अपमान करना पहली प्राथमिकता। घर से तो निकाल देंगे, लेकिन बिहार की जनता के दिल से कैसे निकालिएगा?”
रोहिणी ने आगे कहा कि सरकार को कम से कम लालू यादव के स्वास्थ्य और राजनीतिक कद का सम्मान करना चाहिए।
10 सर्कुलर रोड का राजनीतिक महत्व
10 सर्कुलर रोड कोई साधारण सरकारी आवास नहीं रहा, बल्कि RJD की राजनीति का केंद्र माना जाता रहा है। वर्ष 2005 से यह बंगला लालू–राबड़ी परिवार का निवास रहा है। टिकट बंटवारे, महत्वपूर्ण बैठकों और राजनीतिक रणनीतियों के बड़े फैसले इसी आवास से लिए जाते रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं के लिए यह जगह हमेशा राजनीतिक ‘पावर सेंटर’ रही है।
इसी कारण इस आवास को खाली कराने के फैसले को विपक्ष राजनीतिक उद्देश्य वाला कदम बता रहा है। आरजेडी का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज कमजोर करने और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते यह कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल, लालू परिवार 39 हार्डिंग रोड में स्थानांतरित होने की तैयारी में जुटा है, लेकिन इस फैसले को लेकर बिहार का राजनीतिक वातावरण काफी गर्म हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयानबाज़ी देखने को मिल सकती है।



