Nalanda : बिहार के नालंदा जिले में महज 500 रुपये की मजदूरी को लेकर विवाद के बाद एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने हलवाई और उसके भतीजे पर मारपीट करने और युवक को खौलते तेल की कड़ाही में फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना में बुरी तरह झुलसे युवक ने आठ दिनों तक इलाज चलने के बाद दम तोड़ दिया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। मृतक की पहचान दरुआरा बेलदारी गांव निवासी 30 वर्षीय कम्बु चौहान के रूप में हुई है। यह घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के बथानी गांव की है। परिजनों के अनुसार, कम्बु मिठाई बनाने के काम में हेल्पर के तौर पर गया था, जहां मजदूरी मांगने को लेकर विवाद हुआ।
500 रुपये की मजदूरी मांगने पर शुरू हुआ विवाद
मृतक के बड़े भाई सूबे चौहान के मुताबिक, 4 अक्टूबर को बथानी गांव निवासी रघु गोप के पिता का ब्रह्मभोज कार्यक्रम था। इस आयोजन में मिठाई बनाने के लिए हलवाई दिलीप कुमार और उसका भतीजा राजा कुमार कम्बु चौहान को अपने साथ ले गए थे। काम के बदले उसे 500 रुपये मजदूरी देने की बात तय हुई थी। परिजनों का आरोप है कि काम पूरा होने के बाद जब कम्बु ने अपनी मजदूरी मांगी, तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसी दौरान दिलीप कुमार और राजा कुमार ने उसके साथ मारपीट की। परिजनों के अनुसार, मारपीट में उसके दांत भी टूट गए। इसके बाद युवक को खौलते तेल की कड़ाही में फेंकने का आरोप लगाया गया है। इस घटना में कम्बु गंभीर रूप से झुलस गया। हालांकि, घटना के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
आठ दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों में चला इलाज
घटना के बाद घायल कम्बु को ग्रामीणों की मदद से नूरसराय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए विम्स, पावापुरी ले जाया गया। वहां से परिजन उसे पटना लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, पटना में इलाज की उम्मीद कम होने के बाद वे उसे वापस बिहारशरीफ ले आए और एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। आठ दिनों तक चले इलाज के बाद सोमवार को कम्बु की मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है।
भाई के सामने बयां की थी घटना
मृतक के बड़े भाई सूबे चौहान के अनुसार, अस्पताल में इलाज के दौरान कम्बु ने उन्हें बताया था कि उसके साथ मारपीट की गई है। परिजनों का कहना है कि मजदूरी मांगने के बाद हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया था। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और घटना की परिस्थितियों की जांच होना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद किस तरह बढ़ा और युवक की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया, जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
युवक की मौत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सौंप दिया। नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के अनुसार, पीड़ित परिवार की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल, इस मामले में परिजनों के आरोपों की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।



