Jaipur : राजस्थान की राजधानी जयपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय आयुषी शर्मा ने कथित तौर पर अनुकंपा नियुक्ति और करोड़ों रुपये की संपत्ति पाने के लिए अपनी मां नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रची। मामले में आयुषी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, एयरपोर्ट कॉलोनी निवासी एलडीसी विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा का करीब एक वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उनकी पत्नी नीरज शर्मा, बेटी आयुषी और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा है। विजय शर्मा की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति का मामला सामने आया। आयुषी खुद नौकरी चाहती थी, लेकिन परिवार के सुझाव पर नीरज शर्मा ने दिव्यांग बेटे की देखभाल को देखते हुए पति के स्थान पर सरकारी नौकरी स्वीकार कर ली।
सात लाख रुपये में दी गई कथित सुपारी
जांच के अनुसार, बाद में कथित तौर पर 7 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी गई। आरोप है कि भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा के माध्यम से हरियाणा नंबर की एक स्कॉर्पियो किराये पर ली गई और कुछ लोगों को रेकी तथा वारदात को अंजाम देने के लिए लगाया गया।
सड़क हादसे की तरह दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, 4 जुलाई को जब नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को फिजियोथेरेपी से लेकर लौट रही थीं, तभी पहले से रेकी कर रहे लोगों के इशारे पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आयुषी ने कथित तौर पर अपने मामा को फोन कर बताया कि उनकी मां की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध बातें दिखाई दीं। फुटेज में नीरज शर्मा सड़क के किनारे चल रही थीं, जबकि पूरी सड़क खाली थी। इसके बावजूद स्कॉर्पियो ने कथित तौर पर उन्हें निशाना बनाया। पुलिस को घटनास्थल के आसपास संदिग्ध गतिविधियां भी दिखाई दीं, जिससे हत्या की आशंका गहराई।
जांच के दौरान पुलिस क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो तक पहुंची। वाहन मालिक से पूछताछ के बाद कथित रूप से पूरी साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं। इसके बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आयुषी ने आरोपियों के आमने-सामने होने पर साजिश से जुड़े कई तथ्यों को स्वीकार किया। हालांकि, मामले की अंतिम पुष्टि न्यायालय में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
फिलहाल पुलिस इस मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच आगे बढ़ा रही है।



