Mumbai : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक आज से मुंबई में शुरू हो गई है, जो 5 दिसंबर 2025 तक चलेगी। इस बैठक में देश की GDP ग्रोथ, महंगाई दर और वित्तीय स्थिरता के आधार पर आगे की ब्याज दरों पर चर्चा होगी।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार सुबह 10 बजे पॉलिसी के फैसले की घोषणा करेंगे।
GDP मजबूत, महंगाई रिकॉर्ड निचले स्तर पर
भारत की अर्थव्यवस्था इस समय मजबूत स्थिति में है। जुलाई–सितंबर (FY26 Q2) में देश की GDP ग्रोथ 8.2% रही, जो अनुमान से बेहतर है।
खुदरा महंगाई (CPI) में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MoSPI के अनुसार, अक्टूबर 2025 में CPI घटकर 0.25% पर आ गई, जो अब तक के रिकॉर्ड न्यूनतम स्तरों में से एक है।
रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद कम
बैंक ऑफ बड़ौदा की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार रेपो रेट में किसी बदलाव की संभावना कम है। उम्मीद है कि RBI रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखेगा और अपनी नीति का रुख न्यूट्रल बनाए रखेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आई गिरावट से महंगाई में तेजी से कमी आई है और आगे भी कम रहने की उम्मीद है। हालांकि लगातार मजबूत आर्थिक विकास को देखते हुए RBI सतर्क रुख अपना सकता है।
विशेषज्ञों की राय
CARE Ratings के MD और CEO मेहुल पंड्या के अनुसार:
“तेज GDP ग्रोथ और बहुत कम महंगाई दर आमतौर पर विपरीत संकेत देते हैं। जब अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो ब्याज दरें घटती नहीं हैं, लेकिन महंगाई कम होने से दरों में कटौती का अवसर जरूर बनता है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI फिलहाल स्थिरता बनाए रखने पर जोर देगा, जबकि आगे स्थिति सामान्य रहने पर 2026 में दरों में कमी की संभावना खुल सकती है।



