Bhagalpur:उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु की मरम्मत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मरम्मत कार्य के दौरान भागलपुर और नवगछिया के बीच लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक जल परिवहन की व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया है। करीब तीन महीने तक गंगा नदी में नाव और क्रूज सेवा संचालित करने की तैयारी की जा रही है।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सेतु की मरम्मत के दौरान यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो और जल परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए।
इन घाटों से मिलेगी नाव और क्रूज सेवा
वैकल्पिक जल परिवहन के लिए भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र के प्रमुख घाटों को तैयार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल इन स्थानों पर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं—
- बरारी सीढ़ी घाट
- बरारी फेरी घाट
- सबौर का राजंदीपुर घाट
- नवगछिया का जहान्वी चौक घाट
इन घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों को चौड़ा करने के साथ अतिक्रमण हटाने और साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी की जाएगी।
भीड़ नियंत्रण के लिए होगी लेनवार बैरिकेडिंग
घाटों पर यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए लेनवार बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा घाट परिसर में अस्थायी पुलिस थाना, प्रशासनिक कंट्रोल रूम और मेडिकल कैंप भी बनाया जाएगा।
सुरक्षा की निगरानी के लिए घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रशासन ने घाटों पर अनधिकृत दुकानों के संचालन पर भी रोक लगाने की तैयारी की है।
यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय और भोजन की सुविधा
जल परिवहन का इस्तेमाल करने वाले लोगों को इंतजार के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए घाटों पर अस्थायी प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। यात्रियों के लिए भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जीविका दीदी की रसोई की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रशासन की कोशिश है कि घाटों पर यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से टिकट और बोर्डिंग की सुविधा मिले, जिससे भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
नाव और क्रूज में लाइफ जैकेट अनिवार्य
गंगा नदी में वैकल्पिक परिवहन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। नाव और क्रूज पर सवार होने के लिए सुरक्षित रैंप बनाए जाएंगे। हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही नाव या क्रूज की निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को सवार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम मोटरबोट के साथ गंगा में लगातार गश्त करेगी।
रात में नहीं चलेगी नाव और क्रूज
प्रशासन ने जल परिवहन के संचालन का समय भी निर्धारित किया है। नाव और क्रूज सेवा सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित की जाएगी।
हालांकि, घाट से आखिरी नाव शाम 5 बजे रवाना होगी। रात के अंधेरे में गंगा नदी में नाव और क्रूज का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
पारदर्शी टिकट व्यवस्था की तैयारी
यात्रियों को किराये और भीड़ से जुड़ी परेशानी से बचाने के लिए कूपन और टिकट वितरण की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे यात्रियों की संख्या और किराये का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने में भी मदद मिलेगी।
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के दौरान क्या रहेगा खास?
| व्यवस्था | प्रशासन की तैयारी |
|---|---|
| वैकल्पिक परिवहन | नाव और क्रूज |
| अवधि | करीब 3 महीने |
| संचालन समय | सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक |
| आखिरी नाव | शाम 5 बजे |
| सुरक्षा | लाइफ जैकेट और एसडीआरएफ गश्त |
| निगरानी | सीसीटीवी और कंट्रोल रूम |
| चिकित्सा | मेडिकल कैंप |
| टिकट व्यवस्था | पारदर्शी कूपन और टिकट |
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के दौरान यह वैकल्पिक जल परिवहन व्यवस्था भागलपुर और नवगछिया के बीच यातायात का महत्वपूर्ण विकल्प बनेगी। प्रशासन की तैयारियों का उद्देश्य है कि पुल पर मरम्मत कार्य चलता रहे और इस दौरान आम यात्रियों की आवाजाही भी यथासंभव सुचारु बनी रहे।




