- पटना में NSD के नए सेंटर की स्थापना को मंजूरी मिली है। इससे बिहार के कलाकारों और रंगकर्मियों को अभिनय, निर्देशन व रंगमंच का राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा।
Patna : बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का नया कैंपस स्थापित होने का रास्ता साफ हो गया है। राजधानी पटना में देश का सातवां NSD सेंटर खुलने जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच इसको लेकर सहमति बन गई है। बिहार सरकार सेंटर के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने और भवन निर्माण की स्वीकृत लागत का 50 प्रतिशत राज्यांश वहन करने की दिशा में पहल कर रही है।
इस फैसले से बिहार के युवाओं और कलाकारों को अभिनय, निर्देशन, मंच-शिल्प और रंगमंच की विभिन्न तकनीकों का राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण राज्य में ही मिल सकेगा। साथ ही बिहार की लोक कलाओं और समृद्ध रंगमंचीय परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
मैथिली थिएटर से जुड़े ‘भंगिमा पटना’ के संजीव झा ने इस फैसले को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “बिहार में अक्सर इस बात की चर्चा होती थी कि यहां के खिलाड़ियों को जगह पाने के लिए बिहार से बाहर जाना पड़ता था। लेकिन वही स्थिति यहां के कलाकारों और रंग कर्मियों के साथ भी थी। लेकिन इस बात की इतनी चर्चा नहीं होती थी। सम्राट सरकार ने जो फैसला लिया है कि बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का नया कैंपस स्थापित होगा। यह काफी बेहतरीन फैसला है।”
बिहार के कलाकारों को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का मंच
कलाकार और रंगकर्मी किसी भी राज्य की संस्कृति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे अपनी कला के माध्यम से राज्य की परंपराओं, लोककथाओं और सामाजिक मुद्दों को समाज के सामने रखते हैं।
बिहार में NSD कैंपस की स्थापना से राज्य के कलाकारों और रंगकर्मियों को प्रशिक्षण के लिए बिहार से बाहर जाने की जरूरत कम होगी। केंद्र और राज्य की साझेदारी से बनने वाला यह कैंपस बिहार की लोक रंगमंच परंपराओं को आधुनिक प्रशिक्षण, अभिनय, निर्देशन, मंच-शिल्प और शोध से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय संस्कृति मंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने NSD के नए परिसर की स्थापना को मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा है कि यह निर्णय बिहार की समृद्ध नाट्य एवं प्रदर्शन कला परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और नई संभावनाएं प्रदान करेगा। बिहार की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध रही है और राज्य की लोक नाट्य एवं प्रदर्शन कलाओं की अपनी विशिष्ट और गौरवशाली परंपरा रही है।
भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू
NSD कैंपस के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार सरकार इसके लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने के साथ भवन निर्माण की स्वीकृत लागत का 50 प्रतिशत राज्यांश वहन करने के लिए पहल कर रही है।
संस्थान की शीघ्र स्थापना के लिए हरसंभव प्रशासनिक सहयोग किए जाने की बात कही गई है। इस पहल से बिहार के कलाकारों को राज्य में ही राष्ट्रीय स्तर की रंगमंचीय शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिलने की उम्मीद है।
कलाकारों ने फैसले का किया स्वागत
अभिनेता कुमार रविकांत ने कहा, “बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय—NSD की शाखा/केंद्र का प्रारंभ होना हम सभी रंगकर्मियों के लिए अत्यंत हर्ष और गर्व की बात है। बिहार के रंगकर्मी लंबे समय से बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की एक शाखा के लिए संघर्षरत थे। ये बिहार के रंगकर्मी के लिए हर्ष का विषय है।”
अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह ने कहा, “बिहार के कलाकारों के लिए यह एक बहुत बड़ा और बेहतरीन फैसला है, NSD का केंद्र मिलने से यहाँ की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सही मौका मिलेगा। बिहार हमारा बहुत आगे बढ़ेगा। माननीय मुख्यमंत्री जी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
रंगकर्मी ललित झा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “गांव के मंच से हम लोगों ने कई क्षेत्रीय सीरियल में काम किया। हमेशा इस बात की कमी खलती थी कि अभिनय की बारीकियां सीखने की स्कूल में पढ़ने मिल जाता। बिहार सरकार का यह प्रयास काफी बेहतर है।”



