Lohardaga : जिले के बगड़ू थाना क्षेत्र स्थित बड़चोरगाई गांव में सोमवार को एक बड़ी दुर्घटना सामने आई, जिसमें खेत से ट्रैक्टर में लादकर लाया जा रहा धान का फसल बिजली के चाइना तार के संपर्क में आते ही आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते धान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना से गांव एवं पीड़ित परिवार में भारी निराशा का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, बड़चोरगाई की रहने वाली विधवा बसंती उरांव अपने खेत कुसुम गढ़ा में कटाई किए गए धान को ट्रैक्टर से घर ला रही थीं। रास्ते में खेतों की सिंचाई के लिए लगाया गया चाइना तार काफी नीचे लटका हुआ था। जैसे ही ट्रैक्टर पर लदा धान उस तार से सटा, धान में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
स्थानीय लोगों ने तुरंत बाल्टी और पानी की मदद से आग को काबू करने की कोशिश की और किसी तरह ट्रैक्टर को जलने से बचा लिया, लेकिन धान का पूरा फसल जलकर नष्ट हो गया। पीड़ित महिला बसंती उरांव पहले से ही आर्थिक संकट में थीं, ऐसे में फसल जलने से उन पर और भी बड़ा आर्थिक भार आ पड़ा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में लापरवाहीपूर्वक लगाए गए ऐसे चाइना तार, जो बिजली का प्रवाह तो नहीं लेकिन पटवन के लिए उपयोग होते हैं, अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। लोगों ने इन तारों को हटाने और सुरक्षित सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी घटना का संज्ञान लिया है और पीड़ित महिला को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि यदि बिजली एवं सिंचाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो ऐसी घटनाएँ आगे भी दोहराई जा सकती हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठा दिया है कि खेतों में बिना सुरक्षा मानकों के लगाए गए चाइना तार किसानों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं। फिलहाल, पीड़ित परिवार सहायता की उम्मीद में है।



