Ranchi: राजधानी रांची की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। शहर में तीन महत्वपूर्ण फ्लाइओवर परियोजनाओं के निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापुटोली और हरमू फ्लाइओवर के टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तीनों परियोजनाओं के लिए अलग-अलग कंपनियों को एल-वन के रूप में चुना गया है।
अब चयनित कंपनियों के साथ रेट नेगोशिएशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद औपचारिक रूप से काम आवंटित किया जाएगा। सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो अक्टूबर 2026 से तीनों फ्लाइओवर का निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है।
तीन परियोजनाओं पर अलग-अलग कंपनियों का चयन
राजधानी में ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से इन तीनों फ्लाइओवर परियोजनाओं को अहम माना जा रहा है। इनके लिए करीब दो महीने पहले टेंडर जारी किया गया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग कंपनी को एल-वन चुना गया है।
अब संबंधित कंपनियों के साथ वित्तीय दर को लेकर बातचीत होगी। रेट पर सहमति बनने के बाद निर्माण कार्य का जिम्मा संबंधित एजेंसी को सौंपा जाएगा।
किन जगहों पर बनेंगे फ्लाइओवर?
रांची की इन तीन प्रमुख सड़कों और इलाकों को परियोजना में शामिल किया गया है:
- करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर
- अरगोड़ा-चापुटोली फ्लाइओवर
- हरमू फ्लाइओवर
इन परियोजनाओं का मकसद शहर के व्यस्त मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करना और यातायात को अधिक सुगम बनाना है।
अक्टूबर से निर्माण शुरू कराने की तैयारी
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निर्माण शुरू कराने की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा। रेट नेगोशिएशन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कंपनियों को काम आवंटित किया जाएगा।
योजना के मुताबिक अक्टूबर से तीनों फ्लाइओवर परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। निर्माण शुरू होने के बाद संबंधित इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन और यातायात प्रबंधन की जरूरत भी पड़ सकती है।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत की उम्मीद
रांची में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण कई प्रमुख मार्गों पर पीक आवर में ट्रैफिक जाम की समस्या आम हो गई है। खासकर कार्यालय जाने और लौटने के समय सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है।
ऐसे में नए फ्लाइओवर बनने से प्रमुख जंक्शन और व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।
निर्माण के दौरान लोगों को हो सकती है परेशानी
फ्लाइओवर निर्माण से लंबे समय में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन निर्माण अवधि के दौरान वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। काम के दौरान कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई प्रभावित होने और ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने की संभावना रहती है।
ऐसे में प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के सामने चुनौती होगी कि निर्माण कार्य के साथ-साथ यातायात को भी व्यवस्थित रखा जाए।
रांची के ट्रैफिक के लिए अहम कदम
करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापुटोली और हरमू फ्लाइओवर के निर्माण को राजधानी की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं के तौर पर देखा जा रहा है। यदि अक्टूबर से निर्माण शुरू होता है, तो आने वाले समय में इन इलाकों के ट्रैफिक पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।


