- पटना में गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है, लेकिन दीघा और गांधी घाट पर पानी खतरे के निशान से ऊपर है। दियारा और निचले इलाकों में जलभराव जारी है।
Patna : गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे आने लगा है, लेकिन पटना के दियारा और निचले तटीय इलाकों में अब भी पानी जमा है। शुक्रवार सुबह छह बजे बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मनेर में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर घटकर 52.12 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 52 मीटर से 12 सेंटीमीटर अधिक है।
दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 50.47 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर अधिक है। गांधी घाट पर भी पिछले तीन दिनों में जलस्तर करीब 30 सेंटीमीटर कम हुआ है, लेकिन यहां पानी अब भी खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर है। गांधी घाट पर जलस्तर 49.28 मीटर दर्ज किया गया।
दियारा इलाकों में अब भी जमा है पानी
गंगा के जलस्तर में लगातार कमी के बावजूद दियारा और निचले इलाकों में जमा पानी पूरी तरह नहीं निकल पाया है। खुसरूपुर के दियारा क्षेत्र में गंगा का पानी घाट से एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर बैकुंठ धाम मंदिर के पास तक पहुंच गया है।
पानी फैलने से कई एकड़ में लगी फसल बर्बाद होने की सूचना है। खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जलस्तर घटने के बाद भी खेतों से पानी निकलने में समय लगने की संभावना है।
दानापुर में धीरे-धीरे निकल रहा पानी
दानापुर के तटवर्ती इलाकों में अभी पानी जमा है। हालांकि, जलस्तर नीचे आने के साथ धीरे-धीरे पानी निकल रहा है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है।
वहीं, बख्तियारपुर में स्थिति सामान्य बताई गई है। मोकामा में गंगा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सोन और पुनपुन नदी की स्थिति
सोन नदी के कोइलवर में जलस्तर 52.80 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 55.52 मीटर है और जलस्तर घट रहा है।
पुनपुन नदी के श्रीपालपुर में जलस्तर 49.10 मीटर रहा। यह खतरे के निशान 50.60 मीटर से 1.50 मीटर नीचे है। यहां जलस्तर स्थिर बताया गया है।
हालांकि, अरवल के किंजर में पुनपुन का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में दक्षिणी पटना के निचले इलाकों में निगरानी जरूरी बनी हुई है।
गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से तटबंधों और प्रभावित इलाकों पर निगरानी जारी है।



