New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर के आखिरी रविवार को ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में उन्होंने देश की सुरक्षा, सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, Census 2027, अशोक सिंघल की 100वीं जयंती, सोमनाथ और मोढेरा मंदिर के इतिहास के साथ पर्यावरण संरक्षण जैसे कई विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ को देश के नागरिकों के प्रयासों और उपलब्धियों को सामने लाने वाला मंच बताया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों की भागीदारी और देश में हो रहे बदलावों का उल्लेख किया।
सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना को 10 वर्ष पूरे होने वाले हैं। उन्होंने बताया कि 28 और 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उन्होंने आतंकवाद से जुड़े पुराने हमलों को भी याद किया। पीएम मोदी ने 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट और इसके कुछ सप्ताह बाद हुए मुंबई के 26/11 हमले का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति के साथ आगे बढ़ रहा है।
Census 2027 को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने जनगणना 2027 का भी जिक्र किया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, Census 2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का है, जबकि जनसंख्या गणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इस बार जनगणना में डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए आंकड़े दर्ज करेंगे और लोगों को स्व-गणना यानी Self-Enumeration की सुविधा भी दी गई है।
बर्फीले इलाकों में भी चल रहा काम
प्रधानमंत्री ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में चल रही जनगणना प्रक्रिया का उदाहरण दिया। उन्होंने उत्तराखंड के माना गांव और उत्तरकाशी के बागोरी गांव के लोगों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह दूरदराज के क्षेत्रों में भी इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में भागीदारी हो रही है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फीले गैर-समकालिक क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का दूसरा चरण सितंबर 2026 में किया जाना है।
अशोक सिंघल की 100वीं जयंती को किया याद
प्रधानमंत्री ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल की 100वीं जयंती का भी उल्लेख किया। उनका जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। पीएम मोदी ने उनके जीवन और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अशोक सिंघल के जीवन को करीब से देखने और इस अभियान से जुड़ने का अवसर मिला था।
सोमनाथ और मोढेरा मंदिर का इतिहास भी चर्चा में
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने गुजरात के ऐतिहासिक मंदिरों का भी जिक्र किया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर और मोढेरा के सूर्य मंदिर से जुड़े इतिहास की चर्चा की। पीएम मोदी ने सोमनाथ पर हुए ऐतिहासिक हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि मोढेरा का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर भी उस दौर में हमले का सामना कर चुका है। उन्होंने मंदिरों के इतिहास और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को याद किया।
पर्यावरण और हाथियों की वापसी पर भी बात
प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों का उदाहरण देते हुए असम के सोनाई रूपाई वन्यजीव अभयारण्य का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक समय जंगल की जमीन पर बढ़ते कब्जे के कारण हाथियों की मौजूदगी इस क्षेत्र में कम हो गई थी। बाद में वन क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराने के प्रयास किए गए और अब हाथियों की वापसी देखने को मिल रही है। पीएम मोदी ने इसे पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के लिए किए जा रहे प्रयासों का उदाहरण बताया।
‘मन की बात’ में कई मुद्दों पर फोकस
प्रधानमंत्री के संबोधन में सुरक्षा और आतंकवाद से लेकर जनगणना, इतिहास और पर्यावरण तक कई विषय शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में किए जा रहे प्रयासों और नागरिकों की भागीदारी को भी सामने रखा। Census 2027 इस बार खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना है। सरकार के अनुसार, इसमें मोबाइल आधारित डेटा संग्रह, स्व-गणना और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।




