Patna Metro: पटना मेट्रो के परिचालन की तैयारियों के बीच बिहार सरकार ने परियोजना के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के संचालन और रखरखाव के लिए 14.40 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह राशि सब्सिडी के रूप में खर्च की जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से राशि की स्वीकृति से संबंधित आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार की ओर से मंजूर रकम का इस्तेमाल मेट्रो के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के परिचालन से जुड़ी विभिन्न जरूरतों और नियमित रखरखाव पर किया जाएगा। इससे परियोजना के संचालन के लिए जरूरी वित्तीय व्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
2 साल 8 महीने में 179.37 करोड़ खर्च होने का अनुमान
पटना मेट्रो के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के परिचालन और रखरखाव के लिए करीब दो साल आठ महीने की अवधि का अनुमान तैयार किया गया है। इस दौरान परियोजना पर कुल 179.37 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस राशि में मेट्रो के नियमित संचालन के साथ-साथ तकनीकी रखरखाव और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं से जुड़े खर्च शामिल होंगे। मेट्रो जैसी बड़ी सार्वजनिक परिवहन परियोजना में ट्रैक, स्टेशन, सिग्नलिंग, तकनीकी उपकरण और अन्य सुविधाओं का लगातार रखरखाव जरूरी होता है।
DMRC संभालेगा परिचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी
पटना मेट्रो परियोजना के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के परिचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। ऐसे में बिहार सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही राशि का इस्तेमाल तय व्यवस्था के तहत परिचालन और रखरखाव संबंधी खर्चों को पूरा करने में किया जाएगा। सरकार की वित्तीय मंजूरी के बाद इस दिशा में आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
पटना मेट्रो कॉरपोरेशन ने मांगे थे 179.37 करोड़
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के संचालन और रखरखाव के लिए 179.37 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई थी। सरकार की ओर से इस मद में पहले ही 39.85 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब अतिरिक्त 14.40 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, नई मंजूरी के बाद भी अनुमानित जरूरत के हिसाब से करीब 125.12 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराना बाकी रहेगा। इसे आगे जरूरत और प्रक्रिया के अनुसार चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकता है।
अब तक की वित्तीय व्यवस्था
- कुल अनुमानित जरूरत: 179.37 करोड़ रुपये
- पहले उपलब्ध कराई गई राशि: 39.85 करोड़ रुपये
- नई मंजूर राशि: 14.40 करोड़ रुपये
- शेष अनुमानित राशि: 125.12 करोड़ रुपये
- अनुमानित अवधि: 2 साल 8 महीने
बुडको के जरिए मेट्रो कॉरपोरेशन तक पहुंचेगी रकम
सरकार ने 14.40 करोड़ रुपये की राशि के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी तय की है। मंजूर राशि सीधे पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के खाते में नहीं भेजी जाएगी। निर्धारित व्यवस्था के तहत पहले यह राशि बिहार शहरी विकास अभिकरण (बुडको) के खाते में जाएगी। इसके बाद बुडको की ओर से रकम पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार ने राशि की निकासी, हस्तांतरण और खर्च की निगरानी के लिए विभागीय व्यवस्था तय की है।
मेट्रो चलाने के साथ रखरखाव पर भी होगा खर्च
पटना मेट्रो का संचालन शुरू होने के बाद सिर्फ ट्रेनों को चलाना ही चुनौती नहीं होगी। मेट्रो सिस्टम को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए ट्रैक, स्टेशन, सिग्नलिंग सिस्टम, बिजली से जुड़े उपकरण और दूसरी तकनीकी व्यवस्थाओं का नियमित रखरखाव भी जरूरी होगा। इसी वजह से परिचालन अवधि के लिए पहले से वित्तीय प्रावधान किया जा रहा है। 14.40 करोड़ रुपये की नई मंजूरी इसी वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा है। सरकार की ओर से फिलहाल तत्काल जरूरत को देखते हुए राशि मंजूर की गई है। आगे प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के संचालन और रखरखाव पर होने वाले वास्तविक खर्च के आधार पर शेष राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पटना मेट्रो परियोजना में बढ़ी वित्तीय तैयारी
पटना मेट्रो के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के परिचालन से पहले वित्तीय और प्रशासनिक तैयारियों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। एक ओर DMRC को परिचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार परिचालन खर्च के लिए चरणबद्ध तरीके से राशि उपलब्ध करा रही है। 14.40 करोड़ रुपये की नई मंजूरी इसी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब आने वाले समय में प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के संचालन से जुड़ी अन्य तैयारियों और शेष वित्तीय जरूरतों पर भी काम आगे बढ़ेगा।



