New Delhi : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। इसके बाद रेपो रेट घटकर 5.25% पर आ गया है। हालांकि लगातार तीसरी बार बैठक में ऐसी स्थिति रही कि लोन धारकों को EMI में कोई राहत नहीं मिली, क्योंकि ब्याज दरों में बड़े बदलाव की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि देश इस समय एक “गोल्डीलॉक्स पीरियड” से गुजर रहा है — यानी महंगाई घट रही है और आर्थिक विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में भारत की खुदरा महंगाई 2.2% के निचले स्तर पर है, जबकि आर्थिक वृद्धि लगभग 8% के आसपास बनी हुई है।
गवर्नर ने कहा कि बीते महीनों में आर्थिक गतिविधियों की गति बढ़ी है और बैंकिंग सिस्टम और अधिक मजबूत हुआ है। वित्तीय प्रणाली को स्थिर रखने के लिए RBI ने कई अहम कदम उठाए हैं।
तरलता बढ़ाने के लिए दो बड़े ऐलान
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1 लाख करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की OMO खरीद
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3 साल का 5 अरब डॉलर का डॉलर-रुपया स्वैप कार्यक्रम
इन कदमों से बैंकिंग प्रणाली में तरलता और स्थिरता बढ़ने की उम्मीद है।
महंगाई में राहत का संकेत
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि आने वाले महीनों में हेडलाइन महंगाई 4% के करीब रहने का अनुमान है। कोर महंगाई भी स्थिर हो रही है और खाद्य कीमतें सामान्य स्तर पर लौट रही हैं।
होम लोन पर असर
यदि किसी ने 50 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए 8.25% ब्याज दर पर लिया है:
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EMI पहले भी ₹42,603 थी, अब भी वही रहेगी
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कुल ब्याज: ₹52,24,788
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कुल देनदारी: ₹1,02,24,788
यानी EMI ना बढ़ेगी, ना घटेगी।
ऑटो लोन पर असर
10 लाख रुपये का कार लोन, 5 साल के लिए, 9% ब्याज दर:
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EMI: ₹20,758
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कुल ब्याज: ₹2,45,501
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कुल देनदारी: ₹12,45,501
ब्याज दर में बदलाव न होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।



