RBI ने बैंकिंग सिस्टम की अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए उठाया बड़ा कदम

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी को व्यवस्थित करने के लिए 30 दिन की वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी कराने की घोषणा की है। मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी को व्यवस्थित करने के लिए

RBI ने बैंकिंग सिस्टम की अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए उठाया बड़ा कदम
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  • भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी को व्यवस्थित करने के लिए 30 दिन की वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी कराने की घोषणा की है।

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी को व्यवस्थित करने के लिए 30 दिन की वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी कराने की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार, इस नीलामी का आकार 7 लाख करोड़ रुपये रखा गया है और यह 7 सितंबर को आयोजित की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त तरलता को कुछ समय के लिए RBI के पास लाना है।

बैंकों के पास बढ़ी हुई तरलता

RBI के सामने यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त तरलता काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 3 सितंबर तक बैंकिंग प्रणाली में करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी थी। इस अतिरिक्त धन को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना मौद्रिक नीति और वित्तीय बाजार की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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बैंकों को जल्दी निकलने का विकल्प

इस वीआरआरआर (VRRR) व्यवस्था में बैंकों को निर्धारित अवधि से पहले धन वापस लेने का विकल्प भी दिया गया है। इससे बैंकों के लिए नीलामी में हिस्सा लेना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। RBI के इस कदम से बाजार में उपलब्ध अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों के बीच इस बात पर चर्चा है कि जल्दी निकासी की सुविधा से लंबे समय तक तरलता प्रबंधन का प्रभाव कितना मजबूत रहेगा।

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