बिना टेंडर देशी शराब की आपूर्ति, थोक सप्लायर के जरिए वसूली

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now Ranchi : झारखंड शराब घोटाले को लेकर जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। अब यह सामने आया है कि घोटाला सिर्फ प्लेसमेंट एजेंसियों तक सीमित नहीं था, बल्कि थोक शराब आपूर्ति के स्तर

बिना टेंडर देशी शराब की आपूर्ति, थोक सप्लायर के जरिए वसूली
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Ranchi : झारखंड शराब घोटाले को लेकर जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। अब यह सामने आया है कि घोटाला सिर्फ प्लेसमेंट एजेंसियों तक सीमित नहीं था, बल्कि थोक शराब आपूर्ति के स्तर पर भी नियमों को ताक पर रखकर भारी अनियमितताएं की गईं। थोक कारोबार का लाइसेंस लेने वाली कंपनी मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज ने उत्पाद विभाग और जेएसबीसीएल (JSBCL) के अधिकारियों को प्रभावित कर देशी और विदेशी शराब की आपूर्ति का काम चुनिंदा कंपनियों को दे दिया।

जांच में सामने आया है कि मेसर्स भाटिया वाइंस और छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी लिमिटेड को बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के शराब सप्लाई का ठेका दिया गया। जबकि वर्ष 2022 की शराब नीति के तहत थोक शराब आपूर्ति के लिए टेंडर अनिवार्य था। नियमों को दरकिनार कर केवल लिखित आवेदन के आधार पर तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे के प्रभाव से यह काम सौंपा गया।

खराब गुणवत्ता की शराब बेचकर राजस्व को नुकसान
जांच एजेंसियों के अनुसार, रोमियो और महुआ जैसे घटिया गुणवत्ता वाले ब्रांड की शराब की जबरन सप्लाई कराई गई, जिससे राज्य सरकार को करीब 136 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। साजिश के तहत उन्हीं शराब निर्माताओं के उत्पाद बेचे गए, जो कमीशन देने को तैयार थे। इसका नतीजा यह रहा कि लोकप्रिय और मांग वाले ब्रांड दुकानों में उपलब्ध ही नहीं हो पाए।

कार्टून पर 300 से 600 रुपये की अवैध वसूली
एसीबी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज के मालिक अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा के जरिए शराब सप्लायर कंपनियों से अवैध उगाही कराई जाती थी। तत्कालीन उत्पाद सचिव के करीबी सिद्धार्थ सिंघानिया ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि भाटिया वाइंस और छत्तीसगढ़ डिस्टिलरी की ओर से सप्लाई की जाने वाली देशी और विदेशी शराब के प्रति कार्टून 300 से 600 रुपये तक की अवैध वसूली की जाती थी।

यह अवैध राशि मेसर्स ओम साईं बिवरेजेज और दिशिता वेंचर्स के माध्यम से एकत्र कर विनय कुमार चौबे और अरुणपति त्रिपाठी तक पहुंचाई जाती थी। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और आगे और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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