Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्य के लाखों गरीब परिवारों के लिए एक बार फिर रियायती नमक योजना को शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। यह योजना पिछले छह महीनों से बंद थी, जिससे गरीब लाभुकों को परेशानी हो रही थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जुलाई 2025 से फिर से ₹1 प्रति किलो की दर से आयोडीन युक्त नमक मिलने लगेगा।
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सरकार ने जनवरी से जून 2025 तक के लिए 39,000 मीट्रिक टन नमक की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है, और इसका टेंडर जून के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। यदि यह प्रक्रिया समय पर पूरी हो गई, तो जुलाई से गरीबों की थाली में एक बार फिर नमक लौट आएगा।
योजना की प्रमुख जानकारी:
- शुरुआत: वर्ष 2011-12 में
- विस्तार: 2022-23 में NFSA लाभुक भी शामिल
- मांग: प्रतिमाह लगभग 6,500 मीट्रिक टन
- पिछली आपूर्ति: दिसंबर 2024 में, वो भी सिर्फ 33% लाभुकों को
ग्रामीण इलाकों में बेसब्री:
गांवों में राशन दुकानों पर राशन कार्डधारी अब थैला लेकर एक ही सवाल पूछते हैं — “नमक कब मिलेगा?” उनके लिए यह नमक केवल स्वाद की चीज़ नहीं, बल्कि गौरव और हक की भी पहचान है।
सरकार की कोशिशों से जगी उम्मीद:
झारखंड सरकार की यह पहल निश्चित रूप से गरीबों को राहत पहुंचा सकती है। खासकर तब, जब महंगाई लगातार बढ़ रही है और आय सीमित है, ऐसे में ₹1 किलो नमक एक बड़ी राहत बन सकता है।
नमक — सिर्फ स्वाद नहीं, गरिमा का प्रतीक:
नमक जैसी साधारण चीज़ अक्सर गरीबी की गंभीर कहानी को बयां करती है। और जब वही नमक सरकारी मदद से थाली में लौटता है, तो वह सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि सम्मान और भरोसे की भी वापसी होती है।
अब देखना यह है कि सरकार की यह घोषणा हकीकत बनती है या सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाती है? फिलहाल, गरीबों की उम्मीदें जिंदा हैं और थाली में नमक लौटने का इंतजार भी।



