Muzaffarpur : बिहार में शराबबंदी लागू हुए नौ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीकों का प्रयोग कर पुलिस को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर के बोचहां थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिस ने छापेमारी कर टिन की बोतलों में भरी 96.66 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। जब्त शराब की बाजार कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बोचहां पुलिस को शराब तस्करी को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष श्रीकांत चौरसिया के नेतृत्व में टीम ने उंसर स्थित ग्रामीण बैंक के पास छापेमारी की। इसी दौरान एक घर के पास खड़ी बाइक पर रखे कार्टन की जांच की गई, जिसमें टिन के कंटेनर मिले। इन्हें खोलने पर उनमें विदेशी शराब पाई गई।
पुलिस टीम को देखकर मुख्य तस्कर मौके से फरार हो गया। हालांकि, बाइक और शराब को मौके से जब्त कर थाने ले जाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाले नए तरीके कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं, लेकिन पुलिस हर स्तर पर ऐसे नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है।
पुलिस जांच में इस मामले में सरपंच के बेटे की संलिप्तता भी सामने आई है। थानाध्यक्ष चौरसिया ने बताया कि जब्त बाइक को सीज कर लिया गया है और प्रारंभिक जांच में जिन तीन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें सरपंच का पुत्र अनिल कुमार, बिक्रम कुमार, और बाइक चालक/मालिक शामिल हैं। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शराब तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सामाजिक पद या प्रभाव वाला व्यक्ति ही क्यों न हो।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है कि शराबबंदी के बावजूद बिहार में शराब तस्करी किस तरह नए स्वरूप में बढ़ रही है और तस्कर किस तरह लगातार पुलिस से बचने के लिए तकनीक बदल रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अवैध शराब की किसी भी गतिविधि की सूचना त्वरित रूप से दें।



