Ranchi : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा पर हर हाल में प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा जैसे जिलों में जागरूकता अभियान चलाने तथा बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑडियो-वीडियो सामग्री, सोशल मीडिया और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए। उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ साहसिक कदम उठाने वाली बालिकाओं को “ब्रांड एम्बेसडर” एवं वॉलेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलाने का सुझाव दिया।
रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विभाग के रिक्त पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि विभाग में सीडीपीओ के 106, महिला पर्यवेक्षिका के 433, आंगनबाड़ी सेविका के 583 तथा सहायिका के 897 पद रिक्त हैं।
मिशन मोड में बनेंगे मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र
आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जर्जर एवं किराये के भवनों में संचालित केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर नए भवनों में स्थानांतरित किया जाए। इसके लिए सीएसआर और डीएमएफटी फंड का उपयोग करने को कहा गया। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
महिलाओं को सखी वन स्टॉप सेंटर से जोड़ने पर बल
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए इन सेवाओं को स्थानीय पुलिस प्रशासन से बेहतर समन्वय के साथ जोड़ा जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



