Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची के कांके प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जयपुर में नल-जल योजना से जुड़ी एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। पंचायत के उपमुखिया निरंजन कुमार ने इस संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
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निरंजन कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत जयपुर के अंतर्गत राजस्व ग्राम गारू में 15वें वित्त आयोग के तहत नल-जल योजना वर्ष 2020-21 के अंतर्गत स्वीकृत की गई थी, जिसका योजना कोड संख्या 51407498 है। लेकिन योजना के तहत धरातल पर कोई भी कार्य अब तक नहीं हुआ है। इसके बावजूद, दिनांक 25 जनवरी 2022 को इस योजना के नाम पर ₹1,55,000 की निकासी कर ली गई।
उपमुखिया ने इस निकासी को पूरी तरह से गैरकानूनी और भ्रष्टाचार से प्रेरित बताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नल-जल योजना का कोई भी कार्य आज तक नहीं हुआ, तो यह राशि किन आधारों पर और किसकी स्वीकृति से निकाली गई?
उन्होंने मांग की है कि इस वित्तीय गड़बड़ी की तुरंत जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मामले को वे उच्च स्तर पर उठाएंगे।
इस पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त रांची, भुगतान विवरण समिति और भुगतान विवरण ग्रामीण समिति को भी भेजी गई है, जिससे इस मामले को व्यापक जांच के दायरे में लाया जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम ने पंचायत और प्रखंड स्तर पर कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
- क्या बिना किसी कार्य के भुगतान की स्वीकृति एक सुनियोजित घोटाले की ओर इशारा करती है?
- क्या इसमें बड़े अधिकारी भी शामिल हैं?
- क्या इस मामले में जवाबदेही तय की जाएगी?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर कितनी तेजी से संज्ञान लेता है और क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है या यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह धूल खाता रह जाएगा।

