Koderma : जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र में सामने आया अपहरण का मामला पूरी तरह फर्जी निकला। पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर कथित अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि यह मामला आपसी लेन-देन और ट्रक बिक्री से जुड़े विवाद से बचने के लिए खुद गढ़ी गई कहानी थी।
डोमचांच थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी काजल देवी ने थाने में आवेदन देकर बताया था कि उनके पति प्रकाश मेहता सात फरवरी की रात से लापता हैं। काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो इसी बीच 10 फरवरी को प्रकाश मेहता ने अपने मोबाइल से फोन कर पत्नी को बताया कि उनका अपहरण कर लिया गया है और वे गिरिडीह जिले के बगोदर थाना अंतर्गत लक्षीबागी अटका में रखे गए हैं। साथ ही कथित अपहरणकर्ताओं द्वारा 15 लाख रुपये की फिरौती मांगे जाने की बात भी कही गई।
इस सूचना के आधार पर डोमचांच थाना में मामला दर्ज कर लिया गया।
छह घंटे में सुलझी पूरी कहानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुदीप सिंह के निर्देश पर अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। जांच शुरू होते ही पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर प्रकाश मेहता को उनके रिश्ते में बहनोई लगने वाले जयनारायण मेहता के घर से सकुशल बरामद कर लिया।
ट्रक बिक्री विवाद निकला असली कारण
पुलिस पूछताछ में प्रकाश मेहता ने स्वीकार किया कि जयनारायण मेहता के पास एक ट्रक था, जो उनकी पत्नी के नाम पर पंजीकृत था। यह ट्रक एक एग्रीमेंट के तहत अशोक कुमार को बेचा गया था, जिसमें प्रकाश मेहता गवाह थे। तय समय पर भुगतान नहीं होने के कारण मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इसी लेन-देन के विवाद में पैसे दिलवाने के दबाव से बचने के लिए प्रकाश मेहता ने खुद को अपहृत बताने की झूठी कहानी रच दी और अपनी पत्नी को फोन कर इसकी सूचना दी।
पुलिस जांच में अपहरण की पुष्टि नहीं
पुलिस की प्रारंभिक जांच में अपहरण की घटना पूरी तरह भ्रामक और असत्य पाई गई। इसके बाद पुलिस टीम प्रकाश मेहता को डोमचांच थाना ले आई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब मामले में कानूनी कार्रवाई पर भी विचार कर रही है।

