Ranchi : राजधानी के नामकोम प्रखंड स्थित डूंगरी ग्राम के तुपुदाना क्षेत्र में बिजली संकट गहराता जा रहा है। यहां की करीब 300 की आबादी बीते चार वर्षों से बिजली की मूलभूत सुविधा से वंचित है। अबुआ अधिकार मंच ने इस गंभीर स्थिति को लेकर आवाज बुलंद की और विद्युत विभाग के एसडीओ पंकज कुमार को एक मांग पत्र सौंपा।

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मंच के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे विपिन कुमार यादव ने बताया कि इस क्षेत्र में न तो बिजली के खंभे हैं और न ही सुरक्षित तारों की व्यवस्था। ग्रामीण लोग मजबूरी में बांस और बल्लियों के सहारे बिजली के तार खींचकर बिजली का उपयोग कर रहे हैं। यह जुगाड़ू तरीका किसी भी दिन जानलेवा हादसे को जन्म दे सकता है।
मानसून के खतरे और जीवन पर संकट
बारिश के मौसम में ये खुले तार और अस्थायी संरचनाएं बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जान को खतरे में डाल देती हैं। करंट लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे ग्रामीणों का हर पल डर के साए में गुजर रहा है।
मांगें स्पष्ट, चेतावनी सख्त
अबुआ अधिकार मंच ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर जल्द बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और सुरक्षित लाइन व्यवस्था नहीं की गई, तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। गौरव कुमार ने कहा – “हमारी आवाज अनसुनी की गई, तो गांव की जनता सड़क पर उतरने को बाध्य होगी।”
एसडीओ का सकारात्मक आश्वासन
इस प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान एसडीओ पंकज कुमार ने समस्या की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को शीर्ष अधिकारियों के समक्ष रखेंगे और जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे –
विपिन कुमार यादव, गौरव कुमार, अपर्ण, विक्रम और कई अन्य क्षेत्रीय ग्रामीण कार्यकर्ता जो लगातार इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं।
यह आंदोलन अब सिर्फ बिजली की मांग नहीं, जनजीवन और सुरक्षा की पुकार बन चुका है।






