Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में आरोपी अभय तिवारी और समीर कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे मामले की जांच का सामना कर रहे आरोपियों के लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की
JSSC-CGL गड़बड़ी मामले में आरोपी अभय तिवारी ने 28 अगस्त को अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी। याचिका के जरिए उसने कोर्ट से जमानत देने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अभय तिवारी के साथ आरोपी समीर कुमार की जमानत याचिका भी खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। मामले में जांच एजेंसी की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।
22 जुलाई को CID ने अभय तिवारी को किया था गिरफ्तार
अभय तिवारी को 22 जुलाई को सीआईडी ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। JSSC-CGL मामले के अलावा अभय तिवारी का नाम 14वीं JPSC फर्जीवाड़ा मामले में भी आरोपी के तौर पर सामने आया है। इस वजह से अभय तिवारी से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पहले से ही जारी रही है। JSSC-CGL प्रकरण में उसकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उसकी न्यायिक हिरासत आगे जारी रहेगी।
JSSC-CGL गड़बड़ी मामले में 37 आरोपी गिरफ्तार
JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान सीआईडी ने कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अब तक 37 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
आगे भी जारी रहेगी कानूनी प्रक्रिया
JSSC-CGL गड़बड़ी मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और अदालत में चल रही सुनवाई से साफ है कि प्रकरण अभी लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहा है। जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब आरोपियों को आगे की न्यायिक कार्रवाई का सामना करना होगा। जांच एजेंसी की ओर से मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी जारी है।




