मुकेश रंजन विशेष संवाददाता
रांची : पत्रकारिता सिर्फ खबर नहीं, बदलाव की चाभी है । यह बात तब सच साबित हुई जब रांची के कांके प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित राष्ट्रीय ध्वज स्थल की उपेक्षा पर चली एक खबर ने पूरे सिस्टम को हिला दिया।
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आज सुबह जैसे ही एक प्रमुख न्यूज़ चैनल पर राष्ट्रगौरव पर धब्बा शीर्षक के साथ प्रातः न्यूज़ चैनल में खबर प्रसारित हुई, ध्वज स्थल की टूटी रेलिंग और उपेक्षित हालत ने लोगों की अंतरात्मा को झकझोर दिया। वही ध्वज स्थल, जो राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है, उसकी दशा देखकर आमजन में गुस्सा और दुःख दोनों उमड़ पड़ा।
विजुअल ने दिया झटका, सिस्टम ने ली सुध :
पहली वायरल तस्वीरों में देखा गया कि रेलिंग टूटी हुई थी, और तिरंगा स्थल की गरिमा पर सवाल उठ रहा था। लेकिन मीडिया की गूंज इतनी प्रभावशाली रही कि सिर्फ 5 घंटे में लोहे की नई चमचमाती रेलिंग लगाकर पूरे परिसर को फिर से सम्मानजनक रूप दे दिया गया।
जनता की आवाज़ – मीडिया नहीं, मसीहा है:
स्थानीय नागरिकों में भी प्रतिक्रिया की बाढ़ सी आ गई:
स्थानीय महिला बोलीं अब समझ में आया, पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ क्यों कहते हैं। वही वृद्ध बुजुर्ग बोले अगर इसी तरह हर मुद्दे पर कार्रवाई हो, तो झारखंड बदल सकता है।
प्रशासन की सफाई, मगर सवाल कायम :
प्रखंड प्रशासन ने बयान जारी कर कहा मरम्मत पहले से प्रस्तावित थी, कार्य संयोगवश आज शुरू हुआ।
लेकिन आमजन इसे महज मीडिया के दबाव का नतीजा मान रहे हैं।
यह केवल लोहे की रेलिंग की मरम्मत नहीं, यह जन-जागरण की जीत है:
– तिरंगा झुका नहीं — उसने पूरे सिस्टम को सीधा कर दिया।
– अब और तेज़ आवाज़ चाहिए – ताकि हर कोना सुधरे, हर सम्मान सुरक्षित रहे।



