रांची इनर रिंग रोड के 4 नए हिस्सों पर जल्द काम, लंबाई-लागत तय

Ranchi : राजधानी रांची में इनर रिंग रोड परियोजना को लेकर कवायद तेज हो गई है। कुल 11 हिस्सों में प्रस्तावित 48.826 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पथ निर्माण विभाग तेजी से काम कर रहा है। इसी

रांची इनर रिंग रोड के 4 नए हिस्सों पर जल्द काम, लंबाई-लागत तय

Ranchi : राजधानी रांची में इनर रिंग रोड परियोजना को लेकर कवायद तेज हो गई है। कुल 11 हिस्सों में प्रस्तावित 48.826 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पथ निर्माण विभाग तेजी से काम कर रहा है। इसी क्रम में इनर रिंग रोड के चार हिस्सों (19.46 किमी) को तकनीकी मंजूरी दे दी गई है। अब इन्हें प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्राधिकृत समिति की बैठक में रखा जाएगा।

इन चार हिस्सों पर प्रशासनिक मंजूरी के बाद कैबिनेट से स्वीकृति ली जाएगी, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। जिन सेक्शनों को तकनीकी स्वीकृति मिली है, उनमें सेक्शन-2 (झिरगा टोल से चिरौंदी तक) शामिल है। इसकी लंबाई 2.97 किमी है और अनुमानित लागत 164.68 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इसके अलावा जिन अन्य हिस्सों को मंजूरी प्रक्रिया में शामिल किया गया है, उनमें

  • सेक्शन-3: आशीर्वाद बैंक्वेट से बरियातू फायरिंग रेंज तक

  • सेक्शन-9: जगन्नाथपुर मंदिर से डीएवी पुंदाग तक

  • डीएवी हेहल से पंडरा तक की सड़क
    शामिल हैं। इन सभी सेक्शनों पर काम शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।

पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सड़क निर्माण में आ रही सभी बाधाओं को समय रहते दूर किया जाए। उन्होंने अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया है, ताकि परियोजना में किसी तरह की देरी न हो।

विभागीय जानकारी के अनुसार, शेष सात सेक्शनों में से तीन पर निर्माण कार्य जारी है, तीन हिस्सों में पहले से सड़क मौजूद है, जबकि एक हिस्से का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। पथ निर्माण विभाग के अभियंता वर्तमान में डीपीआर की स्क्रूटनी कर रहे हैं।

शहर के भीतर मिलेगा वैकल्पिक मार्ग

फिलहाल रांची का मौजूदा रिंग रोड करीब 85 किलोमीटर लंबा है, जबकि प्रस्तावित इनर रिंग रोड 48.826 किलोमीटर का होगा। इसका उद्देश्य शहर के भीतर यातायात को सुगम बनाना और मुख्य सड़कों पर दबाव कम करना है। इनर रिंग रोड के बन जाने से वाहन चालकों को अपने गंतव्य के अनुसार वैकल्पिक मार्ग मिलेंगे, जिससे ट्रैफिक का विभाजन होगा और जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

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