पटना: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी और बाढ़ प्रबंधन को बेहतर करने के लिए एक बड़े मास्टरप्लान पर काम किया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, बक्सर से भागलपुर तक गंगा के दोनों किनारों पर ऊंचे बांध बनाए जाएंगे और इनके ऊपर 4 लेन का एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है। इस पूरे कॉरिडोर की लंबाई करीब 350 किलोमीटर बताई जा रही है। फिलहाल बक्सर से भागलपुर जाने में सड़क मार्ग से करीब 8 से 9 घंटे लगते हैं। प्रस्तावित फोरलेन कॉरिडोर बनने के बाद यह सफर करीब 4 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
बाढ़ से बचाव के साथ सड़क का निर्माण
जल संसाधन विभाग के मास्टरप्लान में सड़क निर्माण के साथ बाढ़ नियंत्रण पर भी ध्यान दिया गया है। गंगा के दोनों किनारों पर ऊंचे बांध बनाए जाने का प्रस्ताव है। इन बांधों के ऊपर फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा करीब 350 किलोमीटर के क्षेत्र में गंगा से गाद निकालने की योजना भी है। इससे नदी की जलधारण क्षमता बढ़ाने और बाढ़ के दौरान पानी के बहाव को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
12 जिलों को जोड़ने की योजना
प्रस्तावित कॉरिडोर के जरिए गंगा के किनारे बसे बिहार के 12 जिलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की योजना है। इनमें उत्तर बिहार के सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया और कटिहार तथा दक्षिण बिहार के बक्सर, भोजपुर, पटना, लखीसराय, मुंगेर और भागलपुर शामिल हैं। इस कॉरिडोर के बनने से इन जिलों के बीच आने-जाने के साथ व्यापार और माल ढुलाई को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है।
छोटी नदियों पर बनेंगे पुल
कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली छोटी नदियों और जलधाराओं पर पुल बनाने का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य पूरे सड़क नेटवर्क को लगातार जोड़ना है, ताकि लोगों को दूसरे रास्तों का इस्तेमाल न करना पड़े।
कई नदियों पर बैराज की भी योजना
मास्टरप्लान में गंगा के साथ अन्य नदियों को लेकर भी योजनाएं शामिल हैं। सोन नदी पर नए बैराज के अलावा बागमती, बूढ़ी गंडक और महानंदा नदी पर बैराज बनाने के प्रस्ताव पर भी काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के लिए अध्ययन और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। डीपीआर तैयार होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
जेपी गंगा पथ से जुड़ सकता है नेटवर्क
पटना का जेपी गंगा पथ भी इस बड़े सड़क नेटवर्क से जुड़ सकता है। दीघा से दीदारगंज तक करीब 20.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है। आगे दीघा से शेरपुर और शेरपुर से कोईलवर तक काम चल रहा है। वहीं कोईलवर से बक्सर तक के हिस्से का अध्ययन किया जा रहा है। अगर प्रस्तावित योजनाएं आगे बढ़ती हैं तो बिहार में गंगा के समानांतर पश्चिम से पूर्व तक सड़क कनेक्टिविटी का बड़ा नेटवर्क तैयार हो सकता है।



