- शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन शिक्षकों के योगदान को याद किया जाता है।
Bihar: 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के अवसर पर बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज राज्य के 38 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। यह कार्यक्रम उन शिक्षकों के योगदान को सामने लाने का अवसर है, जिन्होंने विद्यालयों और विद्यार्थियों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए काम किया है।
शिक्षकों के योगदान को मिलेगा सम्मान
शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन शिक्षकों के योगदान को याद किया जाता है। बिहार में भी इस मौके पर ऐसे शिक्षकों को सम्मान देने की तैयारी की गई है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।
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बाढ़ प्रभावित इलाकों का भी होगा जायजा
मुख्यमंत्री के आज के कार्यक्रम में सिर्फ शिक्षक सम्मान ही नहीं, बल्कि बाढ़ की स्थिति का जायजा लेना भी शामिल है। राज्य के कई हिस्सों में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार सोन, कोसी और गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है।
राहत व्यवस्था पर सरकार की नजर
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत शिविर, नाव और बचाव दल लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री के हवाई निरीक्षण का उद्देश्य जमीन पर चल रहे राहत कार्यों की स्थिति को समझना और प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचाने की समीक्षा करना है।
शिक्षक दिवस के कार्यक्रम और बाढ़ समीक्षा को एक ही दिन में होने के कारण आज बिहार में शिक्षा और आपदा प्रबंधन दोनों से जुड़ी गतिविधियां महत्वपूर्ण रहने वाली हैं। सरकार की ओर से शिक्षकों के सम्मान के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।



