Ramgarh: झारखंड के रामगढ़ जिले में अपराधियों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। उरीमारी क्षेत्र की न्यू बिरसा कोयला परियोजना में सोमवार देर रात ड्यूटी कर रहे एक सुरक्षा गार्ड पर बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इस हमले में गार्ड विवेक कुमार ओझा को पांच गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल गार्ड को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। वारदात के बाद घटनास्थल से धमकी भरा पर्चा मिलने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
ड्यूटी के दौरान सुरक्षा गार्ड पर ताबड़तोड़ फायरिंग
जानकारी के अनुसार, विवेक कुमार ओझा हजारीबाग जिले के पदमा पंचायत अंतर्गत लाठी गांव के निवासी हैं। वह आउटसोर्सिंग कंपनी ‘सैनिक’ में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते थे। सोमवार की देर रात वह न्यू बिरसा कोयला परियोजना में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान बाइक से पहुंचे नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर गोलियां चला दीं। अचानक हुई फायरिंग से परियोजना क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
पेट, हाथ और पैर में लगीं पांच गोलियां
फायरिंग में विवेक कुमार ओझा गंभीर रूप से घायल हो गए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्हें पेट में तीन, हाथ में एक और पैर में एक गोली लगी है। घटना के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
घटनास्थल पर मिला धमकी भरा पर्चा
फायरिंग की इस घटना के बाद घटनास्थल से एक पर्चा बरामद होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पर्चे में झामुमो नेता सोनाराम मांझी और विस्थापित नेता संजय करमाली को धमकी दी गई है। पर्चे में संपर्क नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देने की बात कही गई है। पर्चे की सामग्री और हमले के बीच संबंध की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सुरक्षा गार्ड पर हमला और पर्चे में दी गई धमकी एक ही साजिश का हिस्सा हैं या दोनों के बीच कोई अन्य संबंध है।
राहुल दुबे गैंग के कनेक्शन की भी चर्चा
घटना के बाद कुख्यात राहुल दुबे गैंग की संलिप्तता को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में किसी की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में जांच के दौरान किसी गैंग का नाम सामने आने मात्र से उसकी संलिप्तता मानना उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही हमले के पीछे शामिल लोगों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी।
मौके से सात खोखे बरामद, पुलिस ने शुरू की जांच
वारदात की सूचना मिलने के बाद उरीमारी ओपी प्रभारी रथू उरांव और बड़कागांव इंस्पेक्टर अनवर अली खान पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और सात खोखे बरामद किए। जांच के तहत आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही, हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
न्यू बिरसा परियोजना की सुरक्षा पर उठे सवाल
कोयला परियोजना में ड्यूटी कर रहे सुरक्षा गार्ड पर इस तरह का हमला होने से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना के बाद परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास के लोगों में भय का माहौल है। अब पुलिस के सामने हमलावरों तक पहुंचने के साथ-साथ वारदात के पीछे की वजह का पता लगाने की चुनौती है। धमकी भरे पर्चे की जांच, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्य इस मामले में अहम साबित हो सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है। हमले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।




