पाकिस्तान में ऊर्जा संकट गहराया, बाजारों को रात साढ़े आठ बजे बंद करने का आदेश

इस्लामाबाद। पड़ोसी देश पाकिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक संकट के साथ ऊर्जा संकट गहरा गया है। नकदी संकट के चलते ऊर्जा संरक्षण योजना के तहत विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है। इसके तहत बाजारों और मैरिज हाल को रात साढ़े आठ बजे तक बंद

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इस्लामाबाद। पड़ोसी देश पाकिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक संकट के साथ ऊर्जा संकट गहरा गया है। नकदी संकट के चलते ऊर्जा संरक्षण योजना के तहत विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है। इसके तहत बाजारों और मैरिज हाल को रात साढ़े आठ बजे तक बंद करने और एक फरवरी से बल्ब उत्पादन बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कैबिनेट की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाजार रात 8ः30 बजे और मैरिज हाल 10 बजे बंद हो जाएंगे। इससे लगभग 60 अरब रुपये बच सकेंगे। एक फरवरी से पारंपरिक बल्बों का उत्पादन बंद कर दिया जाएगा। अधिक बिजली की खपत करने वाले पंखों का उत्पादन जुलाई से बंद कर दिया जाएगा। इससे लगभग 22 अरब रुपये बचाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट ने ऊर्जा बचाने और आयातित तेल पर निर्भरता कम करने के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण योजना को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा जुलाई महीने से अधिक बिजली खपत वाले पंखों का उत्पादन भी बंद कर दिया जाएगा। इन उपायों से 22 अरब रुपये की और बचत होगी।

सरकार शंक्वाकार गीजर का उपयोग एक वर्ष के भीतर अनिवार्य कर देगी, जिससे कम गैस का उपयोग होगा और 92 अरब रुपये की बचत होगी। स्ट्रीट लाइट के वैकल्पिक उपयोग से 4 अरब रुपये की बचत होगी। आसिफ ने कहा कि योजना के तहत सभी सरकारी भवनों और कार्यालयों में भी ऊर्जा का इस्तेमाल कम किया जाएगा और घर से काम करने की नीति भी 10 दिन में पूरी हो जाएगी।

उन्होंने देश के लिए एक उदाहरण प्रदान करते हुए कहा कि आज कैबिनेट की बैठक में लाइट नहीं जल रही थी। बैठक पूरी धूप में हुई। आसिफ ने यह भी कहा कि कैबिनेट ने सरकारी विभागों की ओर से उपयोग की जाने वाली बिजली का 30 प्रतिशत संरक्षण करने की योजना बनाई है, जिससे 62 अरब रुपये की बचत होगी।

संवाददाता सम्मेलन में रक्षा मंत्री के साथ मौजूद जलवायु परिवर्तन मंत्री शेरी रहमान ने कहा कि यह योजना जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने में भी मदद करेगी।

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